ब्राह्मणों के दाहिने पैर में तीर्थ रहते हैं, मुख में वेद और समस्त अंगों में देवतागण निवास करते हैं। ब्राह्मणों की पूजा करने से उन सभी की पूजा हो जाती है। इस भूतल में विष्णु भगवान् गुप्त रूप से ब्राह्मण के स्वरूप में निवास करते हैं। अपने कल्याण की कामना रखने वाले लोग इनका न अपमान करें और न इनके साथ निरीक फिर एकान्त चित्त से विष्णु भगवान की जा तुलसी का पूजन करके उनकी परिक्रमा त उन्हें प्रणाम करें।