Hindi English Friday, 16 October 2026
BREAKING
• एचपीबीओसीडब्ल्यूडब्ल्यूबी की योजनाओं से लाखों श्रमिक हुए लाभान्वित, 108 करोड़ रुपये से अधिक की राशि वितरित • मुख्यमंत्री ने धर्मशाला में इंडोर आइस स्केटिंग रिंक एवं रोलर स्केटिंग रिंक की आधारशिला रखी • प्रथम बैच बी आर टी सी राजस्थान पुलिस का दीक्षांत परेड समारोह सशस्त्र सीमा बल शमशी में भव्य रूप से संपन्न • बांग्लादेश मॉडल का महिमामंडन करने वालों पर राहुल गांधी चुप क्यों, कांग्रेस देश को दे जवाब : डॉ. सीमा ठाकुर • आपदा राहत के नाम पर फर्जी टेंडरों का खेल, केंद्र से मिले करोड़ों रुपये के दुरुपयोग का आरोप : संदीपनी भारद्वाज • 17 अक्टूबर 2026 का पंचांग • 17 अक्टूबर का इतिहास: प्रमुख घटनाएं, प्रसिद्ध जन्म और पुण्यतिथियां • 17 अक्टूबर 2026 राशिफल: शनिवार को जानें सभी 12 राशियों का हाल • सुखविन्द्र सिंह सुक्खू का स्पीति दौरा जनजातीय क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की प्रतिबद्धता का प्रतिबिंब • नए जिलों के गठन पर सुधीर शर्मा का तंज, बोले— ‘घर में नहीं दाने, अम्मा चली भुनाने’

Lakshmi Naray

ज्वालामुखी में वरूथनी एकादशी पर भव्य कीर्तन का आयोजन, 13 अप्रैल को जुटेंगे श्रद्धालु
धर्मशाला

ज्वालामुखी में वरूथनी एकादशी पर भव्य कीर्तन का आयोजन, 13 अप्रैल को जुटेंगे श्रद्धालु

मंदिर समिति और आयोजकों की ओर से सभी श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे निर्धारित समय पर मंदिर पहुंचकर भगवान श्री हरि लक्ष्मी नारायण जी का गुणगान करें और इस पुण्य अवसर का लाभ उठाएं। साथ ही लोगों से अपने आसपास के श्रद्धालुओं को भी इस आयोजन की जानकारी देने का आग्रह किया गया है, ताकि अधिक से अधिक लोग इस भक्ति कार्यक्रम में शामिल हो सकें।

Lakshmi Narayan Mandir  ज्वालामुखी में हनुमान जयंती पर उमड़ा आस्था का सैलाब, सुंदरकांड पाठ से गूंजा मंदिर परिसर
धर्मशाला

Lakshmi Narayan Mandir ज्वालामुखी में हनुमान जयंती पर उमड़ा आस्था का सैलाब, सुंदरकांड पाठ से गूंजा मंदिर परिसर

मंदिर में विराजमान हनुमान जी की मनमोहक प्रतिमा को विशेष रूप से सजाया गया था। पीले वस्त्रों, फूलों की सुंदर मालाओं और आकर्षक श्रृंगार से सजी मूर्ति ने सभी भक्तों का मन मोह लिया। श्रद्धालुओं ने हनुमान जी पर फूल अर्पित कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि और मंगलमय जीवन की कामना की।

आमलकी एकादशी 2026: 27 फरवरी को रखें व्रत, जानें शुभ मुहूर्त और पारण समय
एकादशी

आमलकी एकादशी 2026: 27 फरवरी को रखें व्रत, जानें शुभ मुहूर्त और पारण समय

पुराणों के अनुसार इस व्रत का वर्णन ब्रह्मवैवर्त पुराण में मिलता है। मान्यता है कि आमलकी (आंवला) के वृक्ष में स्वयं भगवान विष्णु का निवास होता है। इस दिन आंवले के वृक्ष की पूजा, दीपदान और परिक्रमा करने से समस्त कष्ट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है।

X