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6 जुलाई 1935

14वें दलाई लामा: करुणा, अहिंसा और विश्व शांति के प्रतीक
धर्मशाला

14वें दलाई लामा: करुणा, अहिंसा और विश्व शांति के प्रतीक

लगभग नौ दशकों से अधिक समय से दलाई लामा शांति, करुणा, सहिष्णुता और मानवीय मूल्यों के संदेशवाहक बने हुए हैं। बदलते वैश्विक परिदृश्य में भी उनका संदेश यही है कि सच्ची खुशी बाहरी उपलब्धियों से नहीं, बल्कि करुणा, संतोष और मानवता की सेवा से मिलती है।

जन्मदिन विशेष: 14वें दलाई लामा ने कैसे धर्मशाला को दिलाई वैश्विक पहचान, एक छोटे पहाड़ी शहर से बनी विश्व की आध्यात्मिक राजधानी
धर्मशाला

जन्मदिन विशेष: 14वें दलाई लामा ने कैसे धर्मशाला को दिलाई वैश्विक पहचान, एक छोटे पहाड़ी शहर से बनी विश्व की आध्यात्मिक राजधानी

धर्मशाला की पहचान आज केवल धौलाधार की वादियों तक सीमित नहीं है। यह शहर शांति, आध्यात्मिकता और सांस्कृतिक सहअस्तित्व का वैश्विक प्रतीक बन चुका है। इस परिवर्तन में 14वें दलाई लामा की भूमिका ऐतिहासिक रही है। उनके जीवन का संदेश बताता है कि कठिन परिस्थितियों में भी करुणा, संवाद और आशा के मार्ग पर आगे बढ़कर दुनिया को सकारात्मक दिशा दी जा सकती है।

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