Hindi English Friday, 16 October 2026
BREAKING
• ज्वालामुखी कॉलेज को मिली तीन नई सुविधाएं, विधायक संजय रतन ने किया लोकार्पण • मुख्य चिकित्सा अधिकारी कांगड़ा डॉ. ओमेश भारती की अध्यक्षता में राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा बैठक आयोजित • सिहोरपाईं स्कूल में NSS शिविर के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम, स्वयंसेवकों ने दिखाई प्रतिभा • अशोक सिंघल का जीवन भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं के प्रति समर्पण की प्रेरणाः राज्यपाल • आज राहु काल कब तक रहेगा व क्या है शुभ मुहूर्त आईये जानते हैं 16 अक्टूबर 2026 का पंचांग • आज ही के दिन दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद के विरोध और मानवाधिकारों के लिए संघर्ष करने वाले डेसमंड टूटू को नोबेल शांति पुरस्कार दिए जाने की घोषणा हुई। • 16 अक्टूबर 2026 राशिफल: जानें सभी 12 राशियों का भविष्य • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्ष के शासकीय नेतृत्व का भाजपा हिमाचल ने किया अभिनंदन, प्रदेश पदाधिकारी बैठक में सर्वसम्मति से ऐतिहासिक प्रस्ताव पारित : डॉ. बिंदल • विकसित भारत 2047' के रंग में रंगा धर्मशाला • सीएम सुक्खू ने थपथपाई जाइका स्वयं सहायता समूहों की पीठ

दान पुण्

2 मार्च को रखा जाएगा पूर्णिमा व्रत, 3 मार्च को लगेगा चंद्र ग्रहण
धर्म

2 मार्च को रखा जाएगा पूर्णिमा व्रत, 3 मार्च को लगेगा चंद्र ग्रहण

इस दिन श्रद्धालु प्रातः स्नान-दान करेंगे, भगवान विष्णु और चंद्रदेव की पूजा करेंगे तथा रात्रि में चंद्र दर्शन के बाद व्रत पूर्ण करेंगे। वहीं 3 मार्च को चंद्र ग्रहण के अवसर पर स्नान-दान और जप-तप का विशेष महत्व रहेगा।

देवशयनी एकादशी 6 जुलाई  को मनाई जाएगी , इस दिन भगवान विष्णु चार महीने के शयनकाल पर चले जाते हैं
जुलाई

देवशयनी एकादशी 6 जुलाई को मनाई जाएगी , इस दिन भगवान विष्णु चार महीने के शयनकाल पर चले जाते हैं

देवशयनी एकादशी आषाढ़ शुक्ल एकादशी को मनाई जाती है। इस बार देवशयनी एकादशी 6 जुलाई दिन रविवार को मनाई जाएगी। देवशयनी एकादशी को लेकर मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु चार महीने के शयनकाल पर चले जाते हैं। इस एकादशी को हरिशयनी एकादशी या पद्मा एकादशी भी कहते हैं। इसी दिन चातुर्मास भी शुरू होता है। मान्यता है कि देवशयनी एकादशी का व्रत करने से सभी पापों से मुक्ति मिलती है।

ज्‍येष्‍ठ मास की पूर्णिमा का धार्मिक दृष्टि से खास महत्‍व है
पूर्णिमा

ज्‍येष्‍ठ मास की पूर्णिमा का धार्मिक दृष्टि से खास महत्‍व है

ज्‍येष्‍ठ पूर्णिमा इस साल दो दिन की पड़ रही है। यानी कि ज्‍येष्‍ठ पूर्णिमा का व्रत 3 जून को रखा जाएगा और स्‍नान और दान 4 जून को किया जाएगा। पंचांग के अनुसार, पूर्णिमा तिथि 3 जून को सुबह 11 बजकर 16 मिनट पर आरंभ होगी और उसका समापन 4 जून को होगा। चूंकि पूर्णिमा तिथि चंद्र द्रेव को सम‍र्पित होती है इसलिए इसकी पूजा भी चंद्रोदय की गणना के अनुसार होती है।

X