राज्यपाल ने कहा कि विचारों को व्यावहारिक समाधानों में बदलने के लिए शिक्षण संस्थानों, विश्वविद्यालयों, अनुसंधान प्रयोगशालाओं, स्टार्टअप, उद्योगों और समाज को मिलकर कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि तकनीकी प्रगति को नैतिक मूल्यों और सामाजिक उत्तरदायित्वों से निर्देशित किया जाना चाहिए। विद्यार्थियों में जिज्ञासा, वैज्ञानिक सोच, कौशल और चरित्र का विकास करने में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका है।