कालेशवर महादेव मंदिर में जिला कांगडा के नगरोटा बगवां के एक श्रद्धालु ने पांच किलो चांदी से बना नाग मंदिर में अर्पित किया। बताया जाता है कि श्रद्धालु एक कारोबारी है। पंडित केवल कृष्ण शर्मा ने बताया कि आज कांगडा,नगरोटा,के मणिमहेश ज्वेलर्स, ने 5कि 320ग्रा का पाच मुखी नाग राज ,अपनी स्वर्गीय माता जी की याद मे अर्पित किया । श्रद्धालु ने यहां आकर अपनी मनौती पूरी होने पर मंदिर को यह भेंट किया।
केंद्र सरकार ने करीब दो साल पहले कालेश्वर महादेव को राष्ट्रीय महत्व के स्थलों और स्मारकों में शामिल किया है। इस सूची में शामिल स्थल का केंद्र सरकार खुद संरक्षण करती है। इसमें 20 अन्य स्थलों को भी शामिल किया गया था।
जिला कांगड़ा के रक्कड़ उपमंडल में कालीनाथ कालेश्वर महादेव का मंदिर है, इसे मिनी हरिद्वार भी कहा जाता है। यहां भगवान शिव का ऐतिहासिक पांडवकालीन मंदिर है। मान्यता है कि वनवास के दौरान पांडवों ने यहां लंबे समय तक प्रवास किया। इसी दौरान उन्होंने इसका निर्माण किया था। देहरा में कालीनाथ कालेश्वर महादेव मंदिर में शिवलिंग के बारे में एक जनश्रुति के अनुसार यह शिवलिंग प्रतिवर्ष एक जौ के दाने के बराबर पाताल में धंसता चला जा रहा है। जब यह शिवलिंग पूरी तरह से धरती में समा जाएगा तो कलियुग का अंत हो जाएगा।
यह भी मान्यता है कि यहां अंतिम संस्कार से मृतक को स्वर्ग प्राप्त होता है। यहां बैसाखी पर लगने वाला मेला भी अपने आप में खास है। उस दिन भी यहां स्नान करने लाखों लोग पहुंचते हैं। सावन माह में भी यहां पर श्रद्धालुओं की आवाजाही रहती है। कोरोना की पहली लहर के दौरान लोगों ने हरिद्वार न पहुंच पाने के कारण यहां साथ बहती ब्यास नदी में मृतकों का अस्थि विसर्जन भी किया। सावन माह शुरू हो चुका है और आज पहला सोमवार है। रविवार को भी मंदिर में पूजा अर्चना के लिए आने वाले श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। इस स्थल में पांच तीर्थों का पानी होने के कारण इस स्थल का नाम पंचतीर्थी भी है, जहां पर श्रद्धालु स्नान करते हैं।
यह मंदिर ज्वालाजी से करीब 12 किलोमीटर दूर है। चंडीगढ़-नादौन राजमार्ग पर कूहना से संपर्क मार्ग पर जाना होगा, जहां से इसकी दूरी तीन किलोमीटर है। चिंतपूर्णी की ओर से आने वाले लोगों को नैहरनपुखर से मुड़ना पड़ता है। वहां मंदिर की दूरी करीब 12 किलोमीटर है। देहरा से सुनेहत होते हुए यह स्थल छह किलोमीटर दूर है। यहां के लिए बस सहित टैक्सी सुविधा भी उपलब्ध है।