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धर्मशाला | एक साझा सांस्कृतिक विरासत के वाहक हैं भारत और तिब्बती समुदाय: आर.एस बाली

Updated on Sunday, December 10, 2023 21:38 PM IST

इण्डो-तिब्बतन फ्रेंडशिप एसोसिएशन के हिमालयन फेस्टिवल में की शिरकत
बोले...दलाई लामा की शिक्षाओं पर चलते हुए इस मैत्री को और आगे लेकर जाएंगे

धर्मशाला, 10 दिसंबर। भारत और तिब्बत एक साझी सांस्कृतिक विरासत के वाहक हैं। यह सांकृतिक विरासत दोनों समुदायों को एक परिवार के रूप में जोड़कर रखती है। यह उद्गार आज रविवार को मैक्लोडगंज के टिप्पा में इण्डो-तिब्बतन फ्रेंडशिप एसोसिएशन द्वारा मनाये जाने वाले हिमालयन फेस्टिवल के 27वें संस्करण में बतौर मुख्यातिथि शिरकत करते हुए पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष व पर्यटन विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष (कैबिनेट रैंक) आर.एस. बाली ने व्यक्त किए। इस दौरान केंद्रीय तिब्बती प्रशासन के प्रधानमंत्री पेंपा सेरिंग भी उपस्थित रहे।

बता दें, इण्डो-तिब्बतन फ्रेंडशिप एसोसिएशन दलाई लामा को नोबल शांति पुरस्कार मिलने की खुशी में हर वर्ष हिमालयन फेस्टिवल कार्यक्रम का आयोजन करता है। बाली ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि परमपावन दलाई लामा को 1989 में नोबल शांति पुरस्कार से नवाजा गया था। उन्होंने कहा कि वैसे तो दलाई लामा का व्यक्तित्व किसी भी सम्मान से ऊपर है, फिर भी उनको सम्मान मिलने की जितनी प्रसन्नता तिब्बती समुदाय को है, उतनी ही भारत और यहाँ के लोगों को भी है। उन्होंने कहा कि उनको यह सम्मान मिलने की खुशी में दोनों समुदायों के लोग इण्डो-तिब्बतन फ्रेंडशिप एसोसिएशन के बैनर तले हर वर्ष इसे मनाते हैं।

आर.एस बाली ने कहा कि दलाई लामा ने भारत और धर्मशाला को अपना घर माना और यहाँ के लोगों ने भी पूरे तिब्बती समुदाय को परिवार के रूप में स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि आपको अपने परिवार के रूप में यहाँ पाकर हम स्वयं को सौभाग्यशाली महसूस करते हैं। उन्होंने कहा कि जो प्यार और सम्मान भारत तथा तिब्बती समुदाय ने एक दूसरे को दिया वह अपने आप में एक मिसाल है। बाली ने कहा कि दलाई लामा की शिक्षाओं पर चलते हुए तथा साझी सांस्कृतिक विरासत को संजोते हुए हम इस मैत्री को और अधिक ऊँचाई पर लेकर जाएँगे।

दलाई लामा आवास के परिक्रमा मार्ग में लगेंगी 40 लाइट
आर.एस बाली ने कार्यक्रम में तिब्बती समुदाय द्वारा रखी गई मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि तिब्बती समुदाय ने उन्हें बताया कि वे परमपावन दलाई लामा के आवास की परिक्रमा करते हैं तथा उस मार्ग पर बहुत अंधेरा रहता है। बाली ने परिक्रमा मार्ग में 15 फरवरी से पूर्व 40 लाइटें लगाने की घोषणा की।

मैक्लोडगंज मॉनेस्टरी के बाहर बनेगा भव्य द्वार
कार्यक्रम में तिब्बती समुदाय ने मैक्लोडगंज मॉनेस्टरी के बाहर द्वार बनाने की मांग रखी। आर.एस बाली ने उनकी इस माँग पर मोहर लगाते हुए गेट के निर्माण के लिए टूरिज्म विभाग की ओर से 20 लाख रूपये देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह द्वार भव्य बनना चाहिए तथा इसके लिए यदि और पैसे की जरूरत हुई तो उसे भी वे उपलब्ध करवायेंगे।

मनोनीत नवनिर्वाचित पार्षदों के शपथ कार्यक्रम में की शिरकत
इससे पूर्व आर.एस. बाली ने नगरोटा बगवां में नवनिर्वाचित मनोनीत पार्षदों के शपथ कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। हाल ही में गिरीश धवन, मुकेश मेहता, वंदना शर्मा और शेखर कुमार को मनोनीत पार्षद चुना गया था। आर.एस बाली और एसडीएम की मौजूदगी में सभी मनोनीत पार्षदों को शपथ दिलाई गई। मुख्य अतिथि ने सभी पार्षदों को इस पद को प्राप्त करने के लिए बधाई दी।

उन्होंने अपने संबोधन दौरान मनोनीत पार्षदों सहित सभी सदस्यों को लोगों की भलाई के लिए हर समय बिना किसी भेदभाव के कार्य करने का मंत्र दिया। उन्होंने कहा लोगों की भलाई करना ही एकमात्र हम सभी का उद्देश्य होना चाहिए। उन्होंने कहा हम सभी को माननीय मुख्यमंत्री के पद चिन्हों पर चलते हुए अंतिम पंक्ति में बैठे हुए व्यक्ति तक विकास तो पहुंचना है क्योंकि अंतिम पंक्ति में बैठे व्यक्ति के विकसित होने पर ही हम अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकेंगे।

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