हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिला के बरमाणा में Adani Group के एसीसी सीमेंट प्लांट को बंद करने ाक विरोध उग्र होने लगा है। जिससे मामला पेचीदा होने लगा है। यहां धरना प्रर्दशन कर रहे ट्रक ऑपरेटरों कों वामपंथी मजदूर संगठन सीटू का भी सहयोग मिल गया है।
सोमवार को ट्रक ऑपरेटरों ने प्लांट के गेट के बाहर धरना प्रदर्शन कर जमकर नारेबाजी की। ट्रक ऑपरेटरों और स्थानीय महिला मंडलों ने जिला ट्रक ऑपरेटर परिवहन सहकारी सभा के भवन से प्लांट के गेट तक रैली निकाली। गेट पर करीब दो घंटे तक धरना दिया।
वामपंथी संगठन सीटू के प्रदेश अध्यक्ष विजेंद्र मेहरा ने कहा कि एसीसी सीमेंट कारखाना 1983 से काम कर रहा है। अब अदाणी समूह ने जो निर्णय लिया है, वह ट्रक ऑपरेटरों और लोगों के हित में नहीं है। एसीसी और अंबुजा प्लांट सीमेंट को जल्द शुरू न किया गया तो बड़ा आंदोलन खड़ा किया जाएगा। उन्होंने सरकार से भी मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की। उन्होंने अदाणी ग्रुप के निर्णय को गलत बताया। है। कहा कि गैर कानूनी ढंग से प्लांट में ताला लगाया गया है, जबकि किसी भी कारखाने को बंद करने से पहले फैक्ट्री एक्ट 1947 के तहत के तहत पहले मामला सरकार के पास ले जाना पड़ता है। यदि सरकार अनुमति नहीं देती है तो कार्यवाही कानूनी तौर पर गलत मानी जाती है। वर्तमान सरकार ने इन कंपनियों को प्रदेश में सीमेंट के दाम कम करने के निर्देश दिए थे, इसी कारण इन्होंने प्लांट बंद कर दिया।
एसीसी ने साल 1984 में भी एक कंपनी को ढुलाई का कार्य दिया था। उस समय भी ऑपरेटरों और लोगों के विरोध के कारण कंपनी को भागना पड़ा था। उस समय बीडीटीएस और एसीसी के बीच किराया बढ़ोतरी के लिए समझौता हुआ था