कर्नाटक में 224 सदस्यीय विधानसभा चुनाव के लिए मतगणना शुरू होते ही राष्ट्रीय राजधानी में कांग्रेस मुख्यालय में पार्टी कार्यकर्ताओं ने पूजा-अर्चना की। मतगणना सुबह 8 बजे शुरू हुई और इसके तुरंत बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं को उत्सव के मूड में देखा गया, उन्होंने पार्टी मुख्यालय में ढोल और नगाड़ों के साथ भांगड़ा की धुन पर नृत्य किया।
कर्नाटक में वोटों की गिनती जारी है। शुरुआती रुझानों में कांग्रेस आगे चल रही है। 10 मई को सभी 224 सीटों पर वोटिंग हुई थी। 72.67 फिसदी मतदान हुआ था। एग्जिट पोल में कांग्रेस को सबसे बड़ी पार्टी या फिर बहुमत मिलने का अनुमान जताया गया है।
कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष डीके शिवकुमार आगे। बीजेपी के मंत्री आर अशोक पीछे चल रहे हैं। कांग्रेस के सूत्रों के मुताबिक, अगर पार्टी पूर्ण बहुमत हासिल करती है, तो पहली प्राथमिकता तुरंत सरकार बनाने की होगी। अगर पार्टी को दस से कम सीटें मिलती हैं, तो जद (एस) को तोड़ने की कोशिश प्राथमिकता होगी। कांग्रेस के सूत्रों ने बताया कि सिद्धारमैया को इस काम की जिम्मेदारी दी गई है, क्योंकि वह जद (एस) के पूर्व नेता थे और पार्टी में उनके गहरे संपर्क हैं। कर्नाटक के सभी 224 सीटों पर वोटों की गिनती जारी है। अब तक 185 सीटों के रुझान आ गए हैं। बीजेपी 88 सीटों पर आगे चल रही है, कांग्रेस को 76 सीटों पर बढ़त है, वहीं, जेडीएस भी 20 सीटों पर आगे चल रही है। 1 सीट पर निर्दलीय आगे है।
कर्नाटक में 2013 में कांग्रेस ने बहुमत के साथ सत्ता हासिल की लेकिन 2018 में वह 80 सीटों पर सिमट गई। वहीं 2008 में 110 सीटें हासिल करने वाली बीजेपी महज 40 सीटें पा सकी। इस बार एग्जिट पोल के नतीजों में कांग्रेस सबसे आगे है लेकिन कई एग्जिट पोल त्रिशंकु विधानसभा की भविष्यवाणी कर रहे हैं। बीजेपी, कांग्रेस और जनता दल सेक्युलर (जेडीएस) की संभावनाओं और सत्ता की पहेली सुलझाने वाले पांच समीकरणों को आइए समझते हैं।