आज का इतिहास हम सबके लिये खास अहमियत रखता है। आईये जानते हैं आज के दिन देश दुनिया में क्या घटित हुआ था। और किसका आज ही के दिन जन्म हुआ था। 14 अक्टूबर का दिन इतिहास में कई महत्वपूर्ण घटनाओं, महान व्यक्तित्वों और वैज्ञानिक उपलब्धियों के लिए याद किया जाता है। इस दिन दुनिया में राजनीति, विज्ञान, साहित्य और खेल से जुड़ी कई ऐसी घटनाएं हुईं, जिन्होंने इतिहास की दिशा को प्रभावित किया।
1882 : लाहौर में पंजाब विश्वविद्यालय की स्थापना। बंटवारे के बाद इसके दो हिस्से कर दिए गए थे और भारत के विश्वविद्यालय को शुरू में ‘पूर्वी पंजाब विश्वविद्यालय’ (ईपीयू) कहा जाता था, जो शिमला में स्थित था।
1944 : जर्मन फील्ड मार्शल एरविन रोमेल ने एडोल्फ हिटलर की हत्या की साजिश में नाम आने के बाद जहर खाकर जान दी।
1956: डॉ. भीमराव आंबेडकर ने नागपुर में अपने लाखों अनुयायियों के साथ बौद्ध धर्म अपनाया।
1964: अमेरिकी नागरिक अधिकार आंदोलन के प्रमुख नेता डॉ. मार्टिन लूथर किंग जूनियर को नोबेल शांति पुरस्कार दिए जाने की घोषणा हुई।
1981: अनवर सादात की हत्या के बाद होस्नी मुबारक मिस्र के राष्ट्रपति बने।
1994: फलस्तीन के नेता यासिर अराफात को इज़राइल के प्रधानमंत्री यित्जक राबिन और विदेश मंत्री शिमोन पेरेज के साथ नोबेल शांति पुरस्कार के लिए चुना गया।
2010: राजधानी दिल्ली में तीन अक्टूबर को शुरू हुए 19वें राष्ट्रमंडल खेलों का समापन।
2014: न्यूजीलैंड के क्रिकेटर एवं पूर्व कप्तान जॉन रीड का निधन।
2021: ताइवान में एक इमारत में आग लगने से 46 लोगों की मौत।
14 अक्टूबर को जन्मे प्रमुख व्यक्ति
1542: मुगल सम्राट अकबर का जन्म हुआ।
1890: ड्वाइट डी. आइजनहावर का जन्म हुआ, जो बाद में अमेरिका के राष्ट्रपति बने।
1906: जर्मन-अमेरिकी राजनीतिक विचारक हाना अरेंट का जन्म हुआ।
1939: अमेरिकी फैशन डिजाइनर राल्फ लॉरेन का जन्म हुआ।
1978: अमेरिकी गायक और अभिनेता अशर का जन्म हुआ।
14 अक्टूबर को इन प्रमुख हस्तियों का निधन हुआ
1240: दिल्ली सल्तनत की पहली और एकमात्र महिला शासक रजिया सुल्तान का निधन हुआ।
1944: जर्मन फील्ड मार्शल इरविन रोमेल का निधन हुआ।
1977: प्रसिद्ध अमेरिकी गायक और अभिनेता बिंग क्रॉस्बी का निधन हुआ।
1990: प्रसिद्ध अमेरिकी संगीतकार और कंडक्टर लियोनार्ड बर्नस्टीन का निधन हुआ।
14 अक्टूबर का विशेष महत्व
विश्व मानक दिवस (World Standards Day) हर वर्ष 14 अक्टूबर को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय मानकों के महत्व और विभिन्न क्षेत्रों में गुणवत्ता, सुरक्षा तथा तकनीकी सहयोग को बढ़ावा देने में उनकी भूमिका के प्रति जागरूकता फैलाना है।
14 अक्टूबर का इतिहास हमें शिक्षा, सामाजिक समानता, वैज्ञानिक प्रगति और विश्व शांति के लिए किए गए प्रयासों की याद दिलाता है। डॉ. आंबेडकर का बौद्ध धर्म अपनाना और चक येगर का ध्वनि की गति पार करना इस दिन की उल्लेखनीय ऐतिहासिक घटनाओं में शामिल हैं।