133 सीटों पर रुझान सामने आए हैं। बीजेपी और कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर दिखाई दे रही है। जगदीश शेट्टार शुरुआती रुझानों में पीछे चल रहे हैं। जेडीएस 10 सीटों पर आगे है। अन्य के खातों में 5 सीटें जाती नजर आ रही हैं। पोस्टल बैलट की गिनती के दौरान बीजेपी और कांग्रेस लगातार आगे-पीछे हो रही है।
मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई हनुमान मंदिर में बजरंगबली के दर्शन करने पहुंचे। उन्होंने कहा कि कर्नाटक के लिए आज एक बड़ा दिन है क्योंकि राज्य के लिए जनता का फैसला आने वाला है। मुझे विश्वास है कि भाजपा पूर्ण बहुमत से जीतेगी और एक स्थिर सरकार देगी। कर्नाटक के सीएम बसवराज बोम्मई हुबली में मौजूद हैं। वह शिग्गांव विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं।
वीआईपी सीटों की बात करें तो मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई शिग्गांव सीट से मैदान में हैं। वहीं पूर्व सीएम और वरिष्ठ कांग्रेस नेता सिद्धारमैया वरुणा से, डीके शिवकुमार कनकपुरा सीट से, जेडीएस नेता और पूर्व सीएम एचडी कुमारस्वामी चन्नापटना सीट से मैदान में हैं। पूर्व सीएम और सीनियर बीजेपी नेता बीएस येदियुरप्पा के बेटे बीवाई विजयेंद्र अपने पिता की शिकारीपुरा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं बीजेपी से बगावत कर कांग्रेस में आए पूर्व सीएम जगदीश शेट्टार हुबली-धारवाड़ सेंट्रल सीट से फिर मैदान में हैं।
कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष डीके शिवकुमार आगे। बीजेपी के मंत्री आर अशोक पीछे चल रहे हैं। कांग्रेस के सूत्रों के मुताबिक, अगर पार्टी पूर्ण बहुमत हासिल करती है, तो पहली प्राथमिकता तुरंत सरकार बनाने की होगी। अगर पार्टी को दस से कम सीटें मिलती हैं, तो जद (एस) को तोड़ने की कोशिश प्राथमिकता होगी। कांग्रेस के सूत्रों ने बताया कि सिद्धारमैया को इस काम की जिम्मेदारी दी गई है, क्योंकि वह जद (एस) के पूर्व नेता थे और पार्टी में उनके गहरे संपर्क हैं।
कर्नाटक में 2013 में कांग्रेस ने बहुमत के साथ सत्ता हासिल की लेकिन 2018 में वह 80 सीटों पर सिमट गई। वहीं 2008 में 110 सीटें हासिल करने वाली बीजेपी महज 40 सीटें पा सकी। इस बार एग्जिट पोल के नतीजों में कांग्रेस सबसे आगे है लेकिन कई एग्जिट पोल त्रिशंकु विधानसभा की भविष्यवाणी कर रहे हैं। बीजेपी, कांग्रेस और जनता दल सेक्युलर (जेडीएस) की संभावनाओं और सत्ता की पहेली सुलझाने वाले पांच समीकरणों को आइए समझते हैं।