हिमाचल में मंत्री, विधायक और सब चुने हुए प्रतिनिधि हर साल अपनी संपत्ति बताएंगे
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि उनकी प्राथमिकता पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन देने की होगी। प्रदेश में सड़कों की कनेक्टिविटी उनकी प्राथमिकता में रहेगी। मंत्रियों पर हाईकमान को ही निर्णय लेना है। जो मंत्री बनेंगे, उनकी परफॉर्मेंस देखी जाएगी। हिमाचल में मंत्री, विधायक और सब चुने हुए प्रतिनिधि हर साल अपनी संपत्ति बताएंगे।
हिमाचल में रोड कनेक्टिविटी हो या टनलिंग हो, यह मेरी प्राथमिकता होगी। इसके अलावा एक पारदर्शी प्रशासन देना मेरी प्राथमिकता में होगा। सरकार ट्रांसपेरेंसी एक्ट लाएगी। इसमें यह प्रावधान होगा कि हर मंत्री, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि हर साल अपनी संपत्ति और देनदारियों का ब्योरा देंगे। इससे भ्रष्टाचार मुक्त शासन की दिशा में आगे बढ़ा जाएगा।
सुक्खू ने कहा कि ओपीएस को लागू करने के लिए काम शुरू हो चुका है। अधिकारी राजस्थान और छत्तीसगढ़ के मॉडल का अध्ययन कर रहे हैं। यह घोषणा पहली कैबिनेट में की जानी है। बाकी सबसे राय लेकर फैसले लेंगे कि यह सब कैसे होगा।
मंत्रिमंडल पर निर्णय हाईकमान को लेना है। इस बारे में जानकारी राजीव शुक्ला ही साझा करेंगे। सीएम और डिप्टी सीएम पद के लिए बात हुई है। अभी मंत्रियों के बारे में कोई बात नहीं हुई है। जब मंत्री बन जाएंगे तो उनकी परफॉर्मेंस देखी जाएगी। कोई गुटबाजी नहीं है। इस पर क्या जवाब दिया जाए। इस तरह का नेरेटिव सेट किया जाता रहा है कि गुटबाजी है जो असल में नहीं है। कभी आपने कांग्रेस नेताओं का एक-दूसरे के खिलाफ कोई बयान सुना है।