# शिमला के 103 टनल और लालपानी चौक पर स्पीड ब्रेकर लगाने की मांग, संयुक्त एनजीओ ने ADM को सौंपा ज्ञापन
**स्कूली बच्चों और पैदल यात्रियों की सुरक्षा पर जोर, PWD, ट्रैफिक पुलिस और राष्ट्रीय राजमार्ग अधिकारियों से संयुक्त निरीक्षण करवाने की मांग**
शिमला, 13 अक्टूबर 2026। शिमला में 103 टनल के समीप नाभा-टुटीकंडी जंक्शन और लालपानी चौक पर सड़क सुरक्षा मजबूत करने की मांग उठी है। संयुक्त एनजीओ ने एडीएम को ज्ञापन सौंपकर स्पीड ब्रेकर, चेतावनी संकेतक और स्कूली बच्चों के लिए सुरक्षित क्रॉसिंग की व्यवस्था करने का आग्रह किया।
शहर में सड़क दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए विभिन्न सामाजिक संस्थाओं और गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) ने दुर्घटना संभावित स्थलों पर सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग उठाई है। इस संबंध में संयुक्त एनजीओ की ओर से अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (कानून एवं व्यवस्था), शिमला को ज्ञापन सौंपकर 103 टनल के समीप नाभा-टुटीकंडी सड़क जंक्शन और लालपानी चौक पर स्पीड ब्रेकर सहित आवश्यक सुरक्षा उपाय लागू करने का आग्रह किया गया।
भाजपा कार्यकर्ता एवं समाजसेवी गौरव शर्मा ने कहा कि शिमला एक घनी आबादी वाला पहाड़ी शहर है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में वाहनों की आवाजाही रहती है। कई संपर्क मार्ग मुख्य सड़कों और राष्ट्रीय राजमार्गों से जुड़ते हैं। ऐसे में तेज रफ्तार वाहनों के कारण स्थानीय निवासियों, राहगीरों, वरिष्ठ नागरिकों और स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बनी रहती हैं।
उन्होंने कहा कि 103 टनल के समीप नाभा और टुटीकंडी को जोड़ने वाले संपर्क मार्ग मुख्य सड़क से मिलते हैं। इस क्षेत्र से बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे और आम नागरिक गुजरते हैं। मुख्य सड़क पर तेज रफ्तार वाहनों तथा संपर्क मार्गों से आने वाले वाहनों के कारण दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। ऐसे में यहां तकनीकी मानकों के अनुरूप गति नियंत्रण के उपाय करना जरूरी है।
ज्ञापन में स्पीड ब्रेकर, चेतावनी संकेतक, निर्धारित गति सीमा के बोर्ड और पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित क्रॉसिंग की व्यवस्था करने की मांग की गई। साथ ही स्कूलों के खुलने और छुट्टी होने के समय यातायात पुलिस की निगरानी बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।
**लालपानी चौक पर भी सुरक्षा उपायों की मांग**
गौरव शर्मा ने कहा कि लालपानी चौक पर रामनगर और फागली की ओर से आने वाले संपर्क मार्ग राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ते हैं। यहां यातायात के दबाव को देखते हुए तकनीकी आकलन कर उचित गति नियंत्रण और यातायात प्रबंधन के उपाय किए जाने चाहिए।
उन्होंने जिला प्रशासन से आग्रह किया कि लोक निर्माण विभाग (PWD), यातायात पुलिस और राष्ट्रीय राजमार्ग से संबंधित अधिकारियों की संयुक्त टीम गठित कर इन स्थलों का निरीक्षण करवाया जाए। निरीक्षण के बाद तकनीकी मानकों के अनुरूप जहां आवश्यक और अनुमत हो, वहां स्पीड ब्रेकर या अन्य प्रभावी यातायात नियंत्रक उपाय स्थापित किए जाएं।
**अन्य दुर्घटना संभावित स्थलों की पहचान की मांग**
ज्ञापन में शिमला शहर के अन्य दुर्घटना संभावित स्थलों की पहचान कर वहां भी आवश्यक सुरक्षा इंतजाम करने तथा संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश देने का आग्रह किया गया है।
गौरव शर्मा ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल यातायात प्रबंधन का विषय नहीं, बल्कि आम नागरिकों के जीवन की रक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा है। प्रशासन द्वारा समय रहते उठाए गए एहतियाती कदम संभावित दुर्घटनाओं को रोकने में मददगार साबित हो सकते हैं। उन्होंने विशेष रूप से स्कूली बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की आवश्यकता जताई।
संयुक्त ज्ञापन में पाइन थॉर्न, अभिविभा, मां नैना देवी सभा, ग्लोब इंटरनेशनल सहित अन्य संबद्ध सामाजिक संस्थाओं और एनजीओ ने भागीदारी निभाई।