मंडी। राजकीय उच्च पाठशाला रत्ती में खंड चिकित्सा अधिकारी रत्ती डॉ. पीयूष वैद्य के सौजन्य से किशोर स्वास्थ्य एवं कल्याण दिवस तथा अंतरराष्ट्रीय सांप के काटने पर जागरूकता दिवस मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता स्कूल की मुख्य अध्यापिका रचना गुप्ता ने की।
इस अवसर पर खंड स्वास्थ्य शिक्षक रत्ती सुरेश चंदेल ने विद्यार्थियों को किशोरावस्था के दौरान होने वाले शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और भावनात्मक बदलावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किशोरावस्था जीवन की संवेदनशील अवस्था होती है और इस दौरान बच्चों पर संगत तथा आसपास के वातावरण का गहरा प्रभाव पड़ता है। उन्होंने विद्यार्थियों को अच्छी संगत अपनाने और नशे जैसी बुराइयों से दूर रहने के लिए प्रेरित किया।
सुरेश चंदेल ने तंबाकू, बीड़ी-सिगरेट, शराब, भांग, गुटखा-खैनी तथा अन्य नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले स्वास्थ्य दुष्प्रभावों के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नशे का सेवन व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है तथा परिवार और समाज पर भी इसके नकारात्मक प्रभाव पड़ते हैं।
उन्होंने किशोरों को संतुलित एवं पौष्टिक आहार लेने की सलाह देते हुए कहा कि इस उम्र में शारीरिक और मानसिक विकास तेजी से होता है, इसलिए भोजन में आवश्यक पोषक तत्वों का होना जरूरी है। उन्होंने खून की कमी, कम वजन और कुपोषण जैसी समस्याओं से बचने के लिए पौष्टिक भोजन को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
### सांप के काटने पर तुरंत अस्पताल पहुंचाने की सलाह
अंतरराष्ट्रीय सांप के काटने पर जागरूकता दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों को सर्पदंश की स्थिति में अपनाए जाने वाले प्राथमिक उपायों के बारे में भी जानकारी दी गई। बताया गया कि सांप के काटने पर पीड़ित व्यक्ति को शांत रखें और उसे हौसला दें। काटे गए अंग को यथासंभव स्थिर रखें और काटे जाने का समय नोट कर लें। यदि हाथ में अंगूठी, कंगन या अन्य आभूषण हों तो उन्हें हटा देना चाहिए।
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया कि सर्पदंश की स्थिति में घाव को काटना, जहर चूसना, प्रभावित अंग को कसकर बांधना अथवा किसी घरेलू उपचार में समय गंवाना नहीं चाहिए। पीड़ित को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाकर चिकित्सकीय उपचार उपलब्ध करवाना जरूरी है।
### भाषण प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने लिया भाग
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के लिए भाषण प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। प्रतियोगिता में सोनाक्षी ने प्रथम, सोनाक्षी ने द्वितीय तथा हीना ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी विद्यार्थियों को स्वास्थ्य विभाग की ओर से पुरस्कार प्रदान किए गए।
ममता राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की जिला समन्वयक सुमन कुमारी ने विद्यार्थियों को नई दिशा केंद्र, संतुलित आहार और मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी।
मुख्य अध्यापिका रचना गुप्ता ने विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने तथा नशे के दुष्प्रभावों के बारे में समाज के अन्य लोगों को भी जागरूक करने की सलाह दी। उन्होंने विद्यार्थियों से संतुलित आहार लेने और अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में ममता राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की जिला समन्वयक सुमन कुमारी, सीएचओ आयुष्मान आरोग्य मंदिर गलमा दिनेश कुमारी, किशोर स्वास्थ्य काउंसलर मीनाक्षी, स्कूल के अध्यापक, आशा कार्यकर्ता सहित 70 विद्यार्थी और 22 स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।