जिला स्तरीय स्वास्थ्य जागरूकता क्विज में कनेड़ स्कूल के आर्यन व अभय प्रथम
टीबी मुक्त भारत एवं सर्पदंश जागरूकता पर संवाद
धर्मशाला, 18 सितंबर 2026: मुख्य चिकित्सा अधिकारी, कांगड़ा पद्मश्री डॉ. उमेश भारती के मार्गदर्शन में शुक्रवार को सीएमओ कॉन्फ्रेंस हॉल, धर्मशाला में यूथ फेस्ट-2026 के अंतर्गत जिला स्तरीय स्कूल क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कनेड़ के आर्यन कुमार एवं अभय चौधरी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, दाड़ी के मुहम्मद उमर एवं रिया ने द्वितीय तथा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, मंडल के कुनाल सैनी एवं विपन्श कुमार ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
प्रतियोगिता में राजकीय उच्च विद्यालय, झियोल, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय दाड़ी, कनेड़, मंडल, रक्कड़ तथा बगली के विद्यार्थियों एवं नोडल अधिकारियों ने भाग लिया। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए स्वास्थ्य, एचआईवी/एड्स तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों से संबंधित प्रश्नों का उत्तर देकर अपनी ज्ञानवर्धक प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. उमेश भारती ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों में सामान्य स्वास्थ्य, किशोर स्वास्थ्य, एचआईवी/एड्स, एसटीआई/आरटीआई, स्वैच्छिक रक्तदान तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों से संबंधित जानकारी एवं जागरूकता को बढ़ावा देना है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. उमेश भारती ने सर्पदंश से बचाव के लिए रात में टॉर्च का उपयोग करने, पैरों में जूते पहनने, घरों में सांपों एवं अन्य जहरीले जीवों के प्रवेश की संभावनाओं को कम करने तथा चूहों की समस्या को नियंत्रित रखने जैसे उपायों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सर्पदंश की स्थिति में पीड़ित को शांत रखते हुए बिना देरी किए नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान तक पहुंचाना अत्यंत महत्वपूर्ण है।
जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विक्रम कटोच ने युवाओं का आह्वान किया कि वे अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग एवं जागरूक रहें और स्वस्थ जीवनशैली को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। उन्होंने कहा कि स्वस्थ युवा ही स्वस्थ समाज और सशक्त राष्ट्र की नींव हैं, इसलिए युवा स्वयं जागरूक बनें और अपने परिवार एवं समुदाय में भी स्वास्थ्य संबंधी सकारात्मक संदेश पहुंचाएं।
इस अवसर पर जिला क्षय रोग अधिकारी एवं जिला एड्स कार्यक्रम अधिकारी, कांगड़ा डॉ. आर.के. सूद ने नोडल अधिकारियों, कर्मचारियों एवं प्रतिभागियों के साथ टीबी मुक्त भारत अभियान एवं सर्पदंश से बचाव विषय पर संवाद किया। उन्होंने टीबी मुक्त भारत अभियान 2.0 के अंतर्गत जिले में आयोजित की जा रही विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी।
डॉ. आर.के. सूद ने बताया कि टीबी बैक्टीरिया से होने वाला एक संक्रामक रोग है, जो संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने अथवा बोलने के दौरान हवा के माध्यम से फैल सकता है। उन्होंने टीबी के 10 प्रमुख लक्षणों की जानकारी देते हुए बताया कि कई बार टीबी बिना स्पष्ट लक्षणों के भी हो सकती है, जिसे असिम्प्टोमैटिक टीबी कहा जाता है। ऐसे में जोखिमपूर्ण एवं संवेदनशील आबादी की पहचान कर उनकी सक्रिय स्क्रीनिंग करना महत्वपूर्ण है।
उन्होंने बताया कि टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत चिन्हित जोखिमपूर्ण एवं संवेदनशील आबादी की स्क्रीनिंग में चेस्ट एक्स-रे का उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि टीबी का समय पर निदान एवं उपचार संभव है और निर्धारित छह माह के उपचार का पूरा कोर्स करने पर टीबी पूरी तरह ठीक हो सकती है। पात्र घरेलू संपर्कों एवं अन्य पात्र जोखिम वाले व्यक्तियों को टीबी प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट (TPT) भी दिया जाता है, जिससे भविष्य में टीबी होने के जोखिम को कम किया जा सके।
डॉ. सूद ने निक्षय मित्र पहल के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इसके माध्यम से समुदाय, स्वयंसेवी संस्थाएं एवं अन्य सहयोगी टीबी रोगियों को पोषण एवं आवश्यक सहयोग प्रदान कर सकते हैं। उन्होंने युवाओं से टीबी के प्रति जागरूकता फैलाने, कलंक एवं भेदभाव को कम करने तथा टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
विद्यार्थियों को स्वास्थ्य संबंधी इन महत्वपूर्ण संदेशों को अपने विद्यालयों की प्रार्थना सभा के माध्यम से अन्य विद्यार्थियों तक पहुंचाने तथा समुदाय में भी जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया गया। प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों को स्वस्थ जीवनशैली, किशोर स्वास्थ्य, मासिक धर्म स्वच्छता, स्वस्थ आहार, एचआईवी की रोकथाम, स्वैच्छिक रक्तदान तथा विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में भी जानकारी दी गई।
इस अवसर पर कार्यक्रम से जुड़े स्टाफ सदस्य प्रीत किरण, मनोज कुमार, अंकुश कुमार, अश्वनी एवं मीनाक्षी उपस्थित रहे।