धर्मशाला में गूंजा ‘रेड रन’ का संदेश—जागरूकता, युवा सहभागिता और भेदभाव-मुक्त समाज का संकल्प
पद्मश्री डॉ. ओमेश भारती ने हरी झंडी दिखाकर मैराथन को किया रवाना
धर्मशाला, 16 सितंबर 2026। “जागरूक युवा, स्वस्थ समाज और भेदभाव-मुक्त भारत” के संदेश के साथ स्वास्थ्य विभाग, जिला कांगड़ा द्वारा हिमाचल प्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी के दिशा-निर्देशों के तहत बुधवार को जोनल अस्पताल, धर्मशाला परिसर में यूथ फेस्ट मैराथन ‘रेड रन’ का आयोजन किया गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला कांगड़ा पद्मश्री डॉ. ओमेश भारती ने हरी झंडी दिखाकर मैराथन को रवाना किया।
मैराथन में जिले के विभिन्न रेड रिबन क्लबों से 17 से 25 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। ज्ञान ज्योति कॉलेज रजौल, राजकीय डिग्री कॉलेज मुल्थान, द्रोणाचार्य कॉलेज ऑफ एजुकेशन कांगड़ा, जीसीटीई कॉलेज धर्मशाला, राजकीय फार्मेसी कॉलेज कांगड़ा, राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला, शहीद भगत सिंह कॉलेज ऑफ फार्मेसी पालमपुर, गुरु द्रोणाचार्य नर्सिंग कॉलेज योल कैंट, अवस्थी कॉलेज ऑफ एजुकेशन धर्मशाला, जीजीडीएसडी कॉलेज राजपुर तथा केंद्रीय विश्वविद्यालय देहरा के युवाओं ने मैराथन में सक्रिय सहभागिता की।
प्रत्येक महाविद्यालय एवं संस्थान से चार पुरुष तथा चार महिला प्रतिभागियों ने प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। प्रतिभागियों ने एचआईवी/एड्स एवं टीबी के प्रति जागरूकता का संदेश देते हुए मैराथन के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली, सामाजिक संवेदनशीलता और जनभागीदारी का संदेश दिया।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला कांगड़ा पद्मश्री डॉ. ओमेश भारती ने कहा कि युवा केवल देश का भविष्य ही नहीं, बल्कि वर्तमान में सामाजिक परिवर्तन के महत्वपूर्ण वाहक हैं। उन्होंने युवाओं से एचआईवी/एड्स एवं टीबी के प्रति सही एवं प्रमाणित जानकारी प्राप्त कर उसे समाज तक पहुंचाने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा इन रोगों से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
जिला एड्स कार्यक्रम अधिकारी एवं जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. आर.के. सूद ने युवाओं से सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि एचआईवी/एड्स एवं टीबी से पीड़ित व्यक्तियों के प्रति संवेदनशील और सहयोगात्मक व्यवहार समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने युवाओं से एचआईवी/एड्स एवं टीबी से संबंधित किसी भी प्रकार का भेदभाव न करने तथा भेदभाव-मुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लेने का आह्वान किया।
डॉ. आर.के. सूद ने कहा कि ‘रेड रन’ केवल एक मैराथन नहीं, बल्कि जागरूकता, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश है। उन्होंने कहा कि सही जानकारी और सकारात्मक व्यवहार के माध्यम से एचआईवी/एड्स एवं टीबी से जुड़ी भ्रांतियों और सामाजिक भेदभाव को कम किया जा सकता है। युवाओं की सक्रिय भागीदारी इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में एनसीसी यूनिट धर्मशाला ने महत्वपूर्ण संगठनात्मक सहयोग प्रदान किया। वहीं भारतीय खेल प्राधिकरण के प्रशिक्षकों स्वर्णा ठाकुर एवं अंकित चंबियाल ने आयोजन मैं सहयोग प्रदान किया।
कार्यक्रम के आयोजन में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों प्रीत किरण, अंकुश कुमार, सुशील कुमार, मनोज, यामिनी, नेहा एवं दीपिका सहित अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सक्रिय योगदान दिया। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों, रेड रिबन क्लबों के नोडल अधिकारियों, मुख्यमंत्री के सेवा सहायकों तथा युवाओं ने भी कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर डॉ. अनुराधा, चिकित्सा अधीक्षक, जोनल अस्पताल धर्मशाला तथा एसएमओ डॉ. सुनील भट्ट ने महिला एवं पुरुष वर्ग के विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान किए और उन्हें बधाई दी। उन्होंने युवाओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य में भी स्वास्थ्य जागरूकता, सामाजिक सेवा तथा जनहित से जुड़े कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।
महिला वर्ग के विजेता
प्रथम: यशस्वी — राजकीय महाविद्यालय, धर्मशाला
द्वितीय: किरण — अवस्थी कॉलेज ऑफ एजुकेशन, धर्मशाला
तृतीय: मीनाक्षी — अवस्थी कॉलेज ऑफ एजुकेशन, धर्मशाला
पुरुष वर्ग के विजेता
प्रथम: आंश कोमल — राजकीय महाविद्यालय, धर्मशाला
द्वितीय: मनोज कुमार — राजकीय डिग्री कॉलेज, मुल्थान
तृतीय: आलोक यादव — राजकीय महाविद्यालय, धर्मशाला
‘रेड रन’ के माध्यम से युवाओं ने एक स्पष्ट संदेश दिया—जागरूकता फैलाएं, भ्रांतियां मिटाएं, भेदभाव समाप्त करें और एक स्वस्थ, संवेदनशील एवं समावेशी समाज के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।