भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल। 17 सितंबर 2026, गुरुवार का दिन धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इस दिन भाद्रपद शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि रहेगी। पंचांग में तिथि, नक्षत्र, योग, करण, चंद्र राशि, शुभ मुहूर्त और राहुकाल का विशेष महत्व माना जाता है। जानिए 17 सितंबर 2026 के पंचांग में सूर्योदय-सूर्यास्त, शुभ मुहूर्त और दिन से जुड़ी प्रमुख जानकारी।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज भाद्रपद, शुक्ल, षष्ठी, गुरुवार है। सूर्य दक्षिणायन, उत्तर गोल, शरद ऋतु। शक संवत 1948 , विक्रमी संवत 2083, 17 सितंबर 2026 , राहुकाल दोपहर 02 बजकर 00 मिनट से 03 बजकर 30 मिनट तक।
वार: गुरुवार
तिथि: भाद्रपद शुक्ल षष्ठी प्रातः 10 बजकर 47 मिनट तक उपरांत सप्तमी तिथि का आरंभ।
नक्षत्र: अनुराधा
योग: विष्कंभ
करण: तैतिल
चंद्र राशि: वृश्चिक
सूर्य राशि: सिंह
ऋतु: शरद
अयन: दक्षिणायन
विक्रम संवत: 2083
शक संवत: 1948
सूर्योदय और सूर्यास्त
सूर्योदय का समय: प्रातः 06:07 बजे
सूर्यास्त का समय: सायं 06:24 बजे
शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त : दोपहर 11 बजकर 51 मिनट से 12 बजकर 40 मिनट तक।
अमृत काल : प्रातः 08 बजकर 24 मिनट से प्रातः 10 बजकर 10 मिनट तक।
अशुभ मुहूर्त
राहुकाल : दोपहर 02 बजकर 00 मिनट से 03 बजकर 30 मिनट तक ।
गुलिक काल : सुबह 09 बजकर 00 मिनट से 10 बजकर 30 मिनट तक ।
यमगंड : सुबह 06 बजकर 00 मिनट से 07 बजकर 30 मिनट तक ।
आज का विशेष
17 सितंबर को ऋषि पंचमी के बाद भाद्रपद शुक्ल षष्ठी का दिन है। धार्मिक दृष्टि से आज भगवान विष्णु की पूजा, व्रत-संकल्प और दान-पुण्य करना शुभ माना जाता है। गुरुवार होने के कारण भगवान विष्णु और बृहस्पति देव की आराधना का भी विशेष महत्व रहेगा।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।
नोट: पंचांग के मुहूर्त और समय स्थान के अनुसार कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकते हैं।