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धर्मशाला | डॉ. अनुराधा को मिला ‘SIPHER नेशनल इमर्जिंग टोबैको कंट्रोल हीरोज अवॉर्ड 2026’

Updated on Tuesday, September 01, 2026 20:29 PM IST

डॉ. अनुराधा को मिला ‘SIPHER नेशनल इमर्जिंग टोबैको कंट्रोल हीरोज अवॉर्ड 2026’

धर्मशाला, 1 सितंबर 2026: तंबाकू नियंत्रण एवं जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए डॉ. अनुराधा, जिला नोडल अधिकारी, राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम (NTCP), जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश को प्रतिष्ठित SIPHER National Emerging Tobacco Control Heroes Award 2026 से सम्मानित किया गया।

यह राष्ट्रीय सम्मान जोनल अस्पताल, धर्मशाला के कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी, कांगड़ा, पद्मश्री डॉ. ओमेश भारती द्वारा वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक, जोनल अस्पताल धर्मशाला, डॉ. अनुराधा शर्मा और स्वास्थ्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश कुमार सूद की उपस्थिति में प्रदान किया गया।

यह राष्ट्रीय सम्मान डॉ. अनुराधा की 14 वर्षों की समर्पित जनस्वास्थ्य सेवा, उत्कृष्ट नेतृत्व, क्षेत्र-आधारित कार्यशैली तथा समुदायों को तंबाकू से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए निरंतर प्रतिबद्धता की मान्यता है। जिला नोडल अधिकारी के रूप में उन्होंने तंबाकू नियंत्रण नीतियों को प्रभावी कार्रवाई में परिवर्तित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके नेतृत्व में प्रवर्तन गतिविधियों, संस्थागत सुदृढ़ीकरण, सामुदायिक सहभागिता, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय तथा तंबाकू मुक्ति सेवाओं के विस्तार को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया गया।

हिमाचल प्रदेश का सबसे बड़ा जिला तथा राज्य की लगभग एक-चौथाई आबादी वाला जिला कांगड़ा भौगोलिक एवं प्रशासनिक दृष्टि से तंबाकू नियंत्रण उपायों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अनेक चुनौतियां प्रस्तुत करता है। डॉ. अनुराधा ने सुव्यवस्थित योजना, सक्रिय क्षेत्रीय सहभागिता तथा विभिन्न विभागों और सामुदायिक हितधारकों के प्रभावी समन्वय के माध्यम से इन चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना किया।

जिला फ्लाइंग स्क्वाड की अध्यक्ष के रूप में उन्होंने तंबाकू नियंत्रण कानूनों के प्रभावी प्रवर्तन को रणनीतिक नेतृत्व प्रदान किया। साथ ही, उन्होंने ब्लॉक फ्लाइंग स्क्वाड की नियमित समीक्षा एवं मार्गदर्शन करते हुए तंबाकू नियंत्रण कानूनों के प्रभावी एवं समान रूप से क्रियान्वयन को सुनिश्चित किया। केवल प्रशासनिक स्तर पर निगरानी तक सीमित न रहते हुए उन्होंने स्वयं प्रवर्तन अभियानों, क्षेत्रीय निरीक्षणों तथा उल्लंघनों की पहचान एवं चालान/कम्पाउंडिंग की कार्रवाई में भाग लिया और आगे बढ़कर नेतृत्व करने की मिसाल प्रस्तुत की।

उनके नेतृत्व में तंबाकू नियंत्रण के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रवर्तन उपलब्धियां हासिल की गईं। Tobacco-Free Youth Campaign (TFYC) 2025 के दौरान समन्वित प्रवर्तन अभियानों के परिणामस्वरूप 1,911 चालान किए गए तथा ₹2,18,400 की कम्पाउंडिंग फीस वसूल की गई। वहीं World No Tobacco Day Campaign 2026 के दौरान प्रवर्तन टीमों द्वारा COTPA, 2003 के अंतर्गत 133 चालान किए गए तथा ₹36,400 का जुर्माना वसूल किया गया। इसके अतिरिक्त, Himachal Pradesh Prohibition of Sale of Loose Cigarettes and Beedies Act, 2016 के अंतर्गत कार्रवाई करते हुए 14 उल्लंघन दर्ज किए गए तथा ₹47,200/- का जुर्माना वसूल किया गया।

उनके नेतृत्व में तंबाकू मुक्त शैक्षणिक संस्थान (TOFEI) अभियान एवं तंबाकू मुक्त गांव पहल को भी महत्वपूर्ण गति मिली। शिक्षा विभाग, पंचायती राज संस्थाओं तथा क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं के साथ प्रभावी समन्वय के माध्यम से TFYC 2025 के दौरान 1,900 शैक्षणिक संस्थानों और 53 गांवों को तंबाकू मुक्त घोषित किया गया। इन प्रयासों से संस्थागत जवाबदेही को मजबूत करने के साथ-साथ समुदायों में स्वामित्व की भावना तथा स्थायी व्यवहार परिवर्तन को बढ़ावा मिला।

यह समझते हुए कि तंबाकू नियंत्रण केवल प्रवर्तन तक सीमित नहीं रहना चाहिए, डॉ. अनुराधा ने जिले में तंबाकू मुक्ति सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए भी महत्वपूर्ण पहल की। उनके प्रयासों से तीन Tobacco Cessation Centres तथा 20 Nayi Disha Kendras को संचालित किया गया, जिससे तंबाकू सेवन करने वाले लोगों के लिए तंबाकू निर्भरता उपचार, व्यवहारिक परामर्श एवं तंबाकू छोड़ने हेतु सहायता सेवाओं की पहुंच में उल्लेखनीय विस्तार हुआ।

रणनीतिक अंतर-विभागीय समन्वय, जन-जागरूकता कार्यक्रमों, लक्षित जागरूकता एवं संवेदनशीलता सत्रों, रेडियो वार्ताओं तथा डिजिटल मीडिया के माध्यम से डॉ. अनुराधा ने तंबाकू के दुष्प्रभावों के संबंध में जन-जागरूकता को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाया। उनकी पहलों में विशेष रूप से बच्चों, किशोरों, शैक्षणिक संस्थानों तथा संवेदनशील समुदायों पर ध्यान केंद्रित किया गया, जिससे रोकथाम एवं तंबाकू मुक्ति की संस्कृति को बढ़ावा मिला।

उनके योगदान ने जिला कांगड़ा में तंबाकू नियंत्रण को केवल एक कार्यक्रमगत गतिविधि से आगे बढ़ाकर समन्वित, क्षेत्र-आधारित तथा समुदाय की भागीदारी पर आधारित जनस्वास्थ्य अभियान में परिवर्तित किया है। नीतियों के क्रियान्वयन को जमीनी स्तर की सहभागिता, प्रवर्तन को परामर्श तथा संस्थागत कार्रवाई को सामुदायिक भागीदारी के साथ जोड़ने की उनकी क्षमता ने तंबाकू नियंत्रण का एक प्रभावी एवं अनुकरणीय मॉडल स्थापित किया है।

SIPHER National Emerging Tobacco Control Heroes Award 2026 डॉ. अनुराधा की प्रतिबद्धता एवं उपलब्धियों की राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण मान्यता है। उनके कार्यों ने हिमाचल प्रदेश में तंबाकू नियंत्रण के प्रभावी क्रियान्वयन को सुदृढ़ करने तथा हजारों बच्चों, किशोरों एवं समुदायों को तंबाकू सेवन के गंभीर स्वास्थ्य दुष्प्रभावों से बचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

यह सम्मान केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धियों की मान्यता नहीं है, बल्कि जिला स्वास्थ्य विभाग, जिला एवं ब्लॉक फ्लाइंग स्क्वाड, शिक्षा विभाग, पंचायती राज संस्थाओं, स्वास्थ्य कर्मियों तथा सामुदायिक हितधारकों के सामूहिक प्रयासों का भी प्रमाण है, जिन्होंने तंबाकू मुक्त कांगड़ा के लक्ष्य की दिशा में मिलकर कार्य किया है।

डॉ. अनुराधा की यह उपलब्धि इस बात का प्रेरणादायक उदाहरण है कि दूरदर्शी नेतृत्व, व्यावसायिक समर्पण, क्षेत्रीय स्तर पर प्रभावी कार्रवाई तथा सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से जनस्वास्थ्य नीतियों को ठोस एवं स्थायी परिणामों में परिवर्तित किया जा सकता है। उनका राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान जिला कांगड़ा एवं हिमाचल प्रदेश के लिए गौरव का क्षण है तथा एक स्वस्थ और तंबाकू मुक्त भविष्य के संकल्प की पुष्टि करता है।

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