भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल। आज 19 अगस्त 2026, बुधवार है। हिंदू पंचांग के अनुसार आज श्रावण शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि है। आज के पंचांग में तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहुकाल, शुभ मुहूर्त, सूर्योदय और सूर्यास्त का विशेष महत्व है। आइए जानते हैं 19 अगस्त 2026 का पंचांग, आज राहुकाल कब रहेगा और कौन से शुभ मुहूर्त रहेंगे।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज श्रावण, शुक्ल, सप्तमी, बुधवार है। सूर्य दक्षिणायन, उत्तर गोल, वर्षा ऋतु। शक संवत 1948 , विक्रमी संवत 2083, 19 अगस्त 2026, राहुकाल दोपहर 12 बजकर 00 मिनट से दोपहर 01 बजकर 30 मिनट तक।
दिनांक:19 अगस्त 2026
वार:** बुधवार
संवत:** विक्रम संवत 2083
शक संवत:** 1948
**मास:** श्रावण
**पक्ष:** शुक्ल पक्ष
**तिथि:** सप्तमी सायं 07 बजकर 19 मिनट तक उपरांत अष्टमी तिथि का आरंभ।
**नक्षत्र:** स्वाति प्रातः 6:46 बजे तक, इसके बाद विशाखा
**चंद्र राशि:** तुला
**सूर्य राशि:** सिंह
**योग:** ब्रह्म योग
**करण:** वणिज के बाद विष्टि
**आयन:** दक्षिणायन
**ऋतु:** वर्षा ऋतु
19 अगस्त 2026 बुधवार को शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि** रहेगी। विभिन्न पंचांगों में स्थान के अनुसार सूर्योदय और अन्य मुहूर्तों के समय में कुछ मिनट का अंतर हो सकता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त
सूर्योदय:-प्रातः लगभग 5:52 बजे
सूर्यास्त:- सायं लगभग 6:56 बजे
शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त:-प्रातः 3:55 से 4:42 बजे तक
विजय मुहूर्त:- दोपहर लगभग 2:35 से 3:28 बजे तक
गोधूलि मुहूर्त:-सायं लगभग 6:57 से 7:19 बजे तक
अमृत काल- रात्रि 11:28 बजे से अगले दिन 1:13 बजे तक
अशुभ मुहूर्त
राहुकाल:- दोपहर लगभग 12:00 से 1:30 बजे तक
यमगण्ड - प्रातः लगभग 7:30 से 9:08 बजे तक
गुलिक काल- प्रातः लगभग 10:30 से 12:00 बजे तक
दुर्मुहूर्त- दोपहर लगभग 11:58 से 12:51 बजे तक
आज का विशेष
19 अगस्त को **तुलसीदास जयंती** का भी उल्लेख मिलता है। साथ ही दिन में स्वाति नक्षत्र के बाद विशाखा नक्षत्र का प्रवेश होगा।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।