ज्वालामुखी। देशभर के साथ ज्वालामुखी में भी 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस समारोह हर्षोल्लास और देशभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के मैदान में आयोजित समारोह में उपमंडल अधिकारी (नागरिक) डॉ. संजीव शर्मा ने बतौर मुख्य अतिथि राष्ट्रीय ध्वज फहराया। ध्वजारोहण के बाद उन्होंने परेड का निरीक्षण किया और विभिन्न शिक्षण संस्थानों से आए एनसीसी कैडेट्स, एनएसएस स्वयंसेवकों तथा स्काउट-गाइड दलों ने शानदार मार्चपास्ट प्रस्तुत कर राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी।
समारोह में उपमंडल पुलिस अधिकारी संजय शर्मा, तहसीलदार ज्वालामुखी कश्मीर सिंह, मैडम ऋतु रतन, नगर परिषद ज्वालामुखी की अध्यक्ष सोम किरण शर्मा, उपाध्यक्ष दीप्ति शर्मा, नायब तहसीलदार, थाना प्रभारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी, स्कूलों के प्रधानाचार्य, शिक्षक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को किया नमन
अपने संबोधन में SDM डॉ. संजीव शर्मा ने समस्त क्षेत्रवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारत की आजादी असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों के लंबे संघर्ष और बलिदान का परिणाम है। उन्होंने 1857 से 1947 तक चले स्वतंत्रता आंदोलन का उल्लेख करते हुए नेताजी सुभाष चंद्र बोस, शहीद भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद और महात्मा गांधी सहित तमाम स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को अविस्मरणीय बताया।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों ने देश को केवल आजादी ही नहीं दिलाई, बल्कि समाज और राष्ट्र के लिए आदर्श, मूल्य और संस्कार भी दिए। आज की पीढ़ी का दायित्व है कि वह इन मूल्यों को अपने जीवन में अपनाए और देश को आगे बढ़ाने में योगदान दे।
1947 से आज तक भारत की प्रगति पर गर्व
SDM ने कहा कि वर्ष 1947 में भारत जिन चुनौतियों से जूझ रहा था और आज देश जिस मुकाम पर पहुंच चुका है, उसके बीच का सफर बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने भारत के विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने को देशवासियों के सामूहिक प्रयास, मेहनत और समर्पण का परिणाम बताया।
उन्होंने कहा कि आज भारत आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में प्रवेश कर चुका है, लेकिन तकनीक के बावजूद मानव मेहनत, अनुशासन, समर्पण और निरंतर प्रयास का महत्व कभी कम नहीं हो सकता। सफलता के लिए युवाओं को शॉर्टकट के बजाय मेहनत और धैर्य का रास्ता अपनाना चाहिए।
युवाओं से अनुशासन और मेहनत अपनाने का आह्वान
डॉ. संजीव शर्मा ने विद्यार्थियों और युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में बड़ी उपलब्धियां एक दिन में हासिल नहीं होतीं। जैसे विद्यार्थी पहली कक्षा से शुरू होकर धीरे-धीरे आगे बढ़ता है, उसी तरह जीवन में भी सफलता के लिए लगातार प्रयास करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि हार्ड वर्क, डेडिकेशन, अनुशासन और धैर्य सफलता की सबसे बड़ी सीढ़ियां हैं। उन्होंने युवाओं से सोशल मीडिया और तकनीक के सही उपयोग के साथ-साथ अपने व्यक्तिगत प्रयासों और प्रतिभा पर भरोसा करने का आह्वान किया।
उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति एवं महान वैज्ञानिक डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि अच्छे विचारों को अच्छे कार्यों में बदलना जरूरी है। केवल सपने देखना पर्याप्त नहीं, बल्कि उन्हें हासिल करने के लिए निरंतर मेहनत करनी चाहिए।
अच्छे संस्कार और समान व्यवहार पर जोर
SDM ने अभिभावकों से बच्चों को अच्छे संस्कार और आदर्श मूल्य देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि समाज तभी बेहतर बनेगा जब व्यक्ति अपने लिए और दूसरों के लिए समान आदर्श रखेगा।
उन्होंने विद्यार्थियों से छोटों के प्रति स्नेह, बड़ों के प्रति सम्मान और समाज के प्रत्येक व्यक्ति के प्रति समान व्यवहार की भावना रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश का भविष्य ऐसे जिम्मेदार युवाओं के हाथों में है जिनमें राष्ट्रप्रेम, अनुशासन, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना हो।
नशे से दूर रहने की अपील
अपने संबोधन में डॉ. संजीव शर्मा ने नशे के बढ़ते प्रसार पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि नशे की समस्या केवल किसी एक व्यक्ति की समस्या नहीं है, बल्कि इसके प्रभाव पूरे परिवार और समाज पर पड़ते हैं। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों की गतिविधियों और संगति पर ध्यान देने तथा युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए मिलकर प्रयास करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि स्वस्थ, अनुशासित और जिम्मेदार युवा ही मजबूत समाज और विकसित राष्ट्र का निर्माण कर सकते हैं।
हिमाचल की उपलब्धियों का भी किया उल्लेख
SDM ने हिमाचल प्रदेश की विकास यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश ने भी पिछले दशकों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और अन्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने कहा कि हिमाचल की प्रगति में प्रदेशवासियों की मेहनत, अनुशासन और योगदान की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
उन्होंने कहा कि प्रशासन और सरकार की व्यवस्थाएं तभी प्रभावी हो सकती हैं जब समाज का प्रत्येक व्यक्ति अपनी जिम्मेदारी समझे। “जैसे हम होंगे, वैसा ही हमारा समाज दिखाई देगा” का संदेश देते हुए उन्होंने सभी से अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन करने का आह्वान किया।
शानदार मार्चपास्ट रहा मुख्य आकर्षण
समारोह का प्रमुख आकर्षण विभिन्न स्कूलों और संस्थानों के एनसीसी, एनएसएस तथा स्काउट-गाइड दलों का मार्चपास्ट रहा। कमांडर के नेतृत्व में दलों ने अनुशासन और तालमेल के साथ मुख्य अतिथि के समक्ष मार्च करते हुए राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी।
मार्चपास्ट में एनसीसी कैडेट्स, एनएसएस स्वयंसेवक तथा विभिन्न स्कूलों के स्काउट-गाइड दलों ने हिस्सा लिया। विद्यार्थियों के शानदार प्रदर्शन ने समारोह में देशभक्ति और उत्साह का माहौल बना दिया।
समारोह के अंत में SDM डॉ. संजीव शर्मा ने विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज के बच्चे ही आने वाले समय में प्रशासन, स्वास्थ्य, न्यायपालिका, इंजीनियरिंग और अन्य क्षेत्रों में देश की जिम्मेदारी संभालेंगे। उन्होंने युवाओं से स्वतंत्रता सेनानियों के आदर्शों को जीवन में उतारकर मेहनत, अनुशासन और समर्पण के साथ देश को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
ज्वालामुखी में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह ने देशभक्ति, अनुशासन, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्र निर्माण का संदेश देते हुए सभी को स्वतंत्रता के मूल्यों को संजोने की प्रेरणा दी।