# महिला मंडल भवन के लोकार्पण पर विधायक संजय रतन ने गिनाईं ज्वालामुखी विकास की योजनाएं
ज्वालामुखी। ज्वालामुखी के विधायक संजय रतन ने स्थानीय महिला मंडल भवन के जीर्णोद्धार के बाद नवनिर्मित स्वरूप का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने महिला मंडल की अध्यक्ष सुदर्शना शर्मा, सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों को शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में उनकी धर्मपत्नी श्रीमती रितु रतन , नगर परिषद ज्वालामुखी की अध्यक्ष सोम किरण शर्मा, उपाध्यक्ष दीप्ति शर्मा, पार्षदों, एसडीएम ज्वालामुखी डॉ. संजीव शर्मा, नवनियुक्त DSP संजय शर्मा, विद्युत विभाग के अधिकारियों, पत्रकारों तथा नगर परिषद के अधिकारियों-कर्मचारियों सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
### ज्वालामुखी महिला मंडल का है ऐतिहासिक महत्व
विधायक संजय रतन ने कहा कि ज्वालामुखी का महिला मंडल अपने आप में ऐतिहासिक है। उन्होंने बताया कि सामान्यतः महिला मंडल पंचायत क्षेत्रों में गठित किए जाते हैं, लेकिन ज्वालामुखी उस समय नगर पंचायत का हिस्सा था। इसके बावजूद स्थानीय महिलाओं के प्रयासों से यहां महिला मंडल का गठन हुआ।
उन्होंने अपने पिता स्वर्गीय रतन जी और माता स्वर्गीय श्रीमती कृष्ण रतन जी के योगदान को याद करते हुए कहा कि वर्ष 1995 के आसपास ज्वालामुखी में महिला मंडल के गठन के लिए शहर की माताओं-बहनों ने उनके परिवार से संपर्क किया था। इनमें श्रीमती कांता दत्त सहित कई महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
संजय रतन ने कहा कि उनकी माता स्वयं शिक्षिका थीं, लेकिन महिला मंडल के गठन को लेकर उन्होंने महिलाओं का साथ दिया और इसके लिए लंबी प्रक्रिया पूरी करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि उस समय कई नियमों और औपचारिकताओं के बीच रास्ता निकालकर महिला मंडल का गठन करवाया गया।
उन्होंने बताया कि तत्कालीन प्रशासनिक अधिकारियों और सरकार के सहयोग से महिला मंडल भवन के निर्माण के लिए आर्थिक सहायता मिली और बाद में इसका उद्घाटन भी कराया गया। उन्होंने कहा कि भवन के निर्माण में तत्कालीन महिला पदाधिकारियों और स्थानीय महिलाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
### मतभेदों के बावजूद महिला मंडल रहा कायम
विधायक ने कहा कि समय के साथ महिला मंडल को कई उतार-चढ़ाव से गुजरना पड़ा। आपसी मतभेदों के कारण महिलाएं दो समूहों में भी बंट गईं और एक समय ऐसा आया जब महिला मंडल को समाप्त करने तथा अलग महिला मंडल बनाने की बातें होने लगीं। हालांकि अंततः ज्वालामुखी महिला मंडल का अस्तित्व कायम रहा।
उन्होंने कहा कि कुछ समय बाद महिला मंडल की गतिविधियां बंद हो गईं, लेकिन जब वर्तमान महिलाओं ने दोबारा महिला मंडल को सक्रिय करने की इच्छा जताई तो उन्होंने तुरंत सहयोग देने का निर्णय लिया।
संजय रतन ने कहा कि जिस पौधे को कोई व्यक्ति लगाता है, वह उसे काटने के बारे में नहीं सोचता। उनके पिता, माता और क्षेत्र की बुजुर्ग महिलाओं ने जिस महिला मंडल की नींव रखी थी, उसे आगे बढ़ाना उनका दायित्व है।
उन्होंने इस बात पर खुशी जताई कि वर्तमान महिला मंडल की अध्यक्ष उसी परिवार की बहू हैं, जिसने इसके गठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने इसे समय का चक्र बताते हुए कहा कि किसी ने उस समय नहीं सोचा होगा कि भविष्य में उसी परिवार की बहू महिला मंडल की अध्यक्ष बनेगी।
### महिला मंडल भवन के लिए और सहयोग का आश्वासन
विधायक संजय रतन ने कहा कि महिला मंडल भवन को और बेहतर बनाने के लिए वह भविष्य में भी हरसंभव सहयोग देंगे। उन्होंने कहा कि भवन में फर्नीचर की आवश्यकता है, जिसके लिए उन्होंने **50 हजार रुपये** देने की घोषणा की। साथ ही भवन की छत पर शेड बनाने के लिए भी उन्होंने संबंधित लोगों को निर्देश देने की बात कही।
उन्होंने कहा कि यदि महिला मंडल की महिलाएं सिलाई-कढ़ाई या अन्य स्वरोजगार गतिविधियां शुरू करना चाहती हैं तो उन्हें सिलाई मशीन सहित आवश्यक संसाधन उपलब्ध करवाने में भी सहयोग किया जाएगा।
उन्होंने महिलाओं से सरकार की विभिन्न योजनाओं और स्वयं सहायता समूहों से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि महिलाएं अपने उत्पाद तैयार करें और उन्हें बाजार उपलब्ध करवाने के लिए सरकार की योजनाओं का लाभ उठाएं। इससे महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और महिला मंडल का नाम पूरे प्रदेश में स्थापित होगा।
### ज्वालामुखी शहर के विकास का खाका
विधायक संजय रतन ने कहा कि ज्वालामुखी उनके लिए केवल विधानसभा क्षेत्र नहीं बल्कि उनका अपना परिवार और घर है। उन्होंने कहा कि उनका जन्म भले ही कहीं और हुआ हो, लेकिन उनका पालन-पोषण, शिक्षा और राजनीतिक जीवन ज्वालामुखी में ही हुआ है।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में ज्वालामुखी शहर को सुंदर और सुविधाजनक बनाने के लिए कई विकास कार्य किए जा रहे हैं। शहर में लोगों के घूमने और बैठने के लिए पार्क विकसित किया जा रहा है। पार्क में फव्वारा भी लगाया जाएगा ताकि लोगों को बेहतर वातावरण मिल सके।
उन्होंने कहा कि देवी तालाब के सौंदर्यीकरण एवं विकास के लिए भी योजना तैयार की गई है और जिला प्रशासन के माध्यम से इसका प्रस्ताव भेजा गया है। उनका लक्ष्य ज्वालामुखी को एक सुंदर और व्यवस्थित शहर के रूप में विकसित करना है।
### मंदिर क्षेत्र के विकास पर विशेष जोर
संजय रतन ने कहा कि ज्वालामुखी विश्व प्रसिद्ध धार्मिक पर्यटन स्थल है और यहां मां ज्वाला जी के दर्शन के लिए देश-विदेश से श्रद्धालु आते हैं। उनका प्रयास है कि श्रद्धालु केवल दर्शन करके वापस न जाएं, बल्कि कम से कम दो-तीन दिन ज्वालामुखी और आसपास के क्षेत्र में ठहरें।
उन्होंने कहा कि ज्वालामुखी के आसपास के धार्मिक स्थलों को जोड़ने के लिए भी योजनाएं बनाई जा रही हैं। भैरव मंदिर, अंबकेड़ा मंदिर और अन्य धार्मिक स्थलों को जोड़कर धार्मिक पर्यटन सर्किट विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्र में पर्यटन बढ़ेगा और स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। टैक्सी चालक, ऑटो चालक, दुकानदार, होटल और अन्य कारोबारी सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे। इससे ज्वालामुखी की स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
उन्होंने कहा कि बगलामुखी क्षेत्र, कालेश्वर महादेव और व्यास नदी क्षेत्र में भी पर्यटन सुविधाओं के विकास पर काम हो रहा है। वाटर स्पोर्ट्स जैसी गतिविधियों को बढ़ावा मिलने से पर्यटकों के ठहराव की अवधि बढ़ेगी।
### पार्किंग, बस स्टैंड और बाजार के विकास की योजना
विधायक ने कहा कि ज्वालामुखी शहर में पार्किंग, बस स्टैंड और बाजार के विकास की दिशा में भी काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के सहयोग से लोक निर्माण विभाग के माध्यम से लगभग **35 करोड़ रुपये** की राशि से विभिन्न विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नए बाजार और दुकानों के निर्माण के दौरान स्थानीय लोगों की जरूरतों का भी ध्यान रखा जाएगा। जिन लोगों को दुकानों की आवश्यकता है, उन्हें वहां समायोजित करने का प्रयास किया जाएगा।
### स्थानीय लोगों से विकास में सहयोग की अपील
संजय रतन ने नगर परिषद के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों और पार्षदों से ज्वालामुखी शहर को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित बनाने में सहयोग करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि यदि शहर के विकास के लिए किसी भी प्रकार की आवश्यकता होगी तो सरकार से धनराशि लाने का प्रयास किया जाएगा। उनका लक्ष्य ज्वालामुखी को ऐसा आदर्श शहर बनाना है, जहां स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भी बेहतर सुविधाएं मिलें।
उन्होंने कहा कि वह अपने जीवन में किसी काम से पीछे नहीं हटे और जो काम उनकी क्षमता में नहीं है, उसे करवाने के लिए भी पूरा प्रयास करते हैं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है, उनका कर्ज विकास कार्यों के माध्यम से चुकाना ही उनका उद्देश्य है।
### महिलाओं के लिए स्वरोजगार को बढ़ावा देने का भरोसा
विधायक ने महिला मंडल की महिलाओं को स्वरोजगार के लिए हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि यदि महिलाएं सिलाई मशीन, अन्य उपकरण या किसी व्यवसाय से संबंधित सहायता चाहती हैं तो उन्हें उपलब्ध करवाने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने महिला मंडल की महिलाओं को आपसी सहयोग के साथ आगे बढ़ने और उपलब्ध सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की।
अंत में विधायक संजय रतन ने महिला मंडल की अध्यक्ष सुदर्शना शर्मा, सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों को भवन के जीर्णोद्धार और लोकार्पण पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह महिला मंडल ज्वालामुखी के इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसे और मजबूत बनाना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि उनका प्रयास रहेगा कि ज्वालामुखी एक सुंदर, स्वच्छ, व्यवस्थित और आदर्श शहर के रूप में विकसित हो तथा यहां आने वाला प्रत्येक श्रद्धालु और पर्यटक अच्छी यादें लेकर वापस जाए।
**जय हिंद, जय भारत, जय मां ज्वाला।**