ज्वालामुखी नगर परिषद को मिला नया नेतृत्व, सोम किरण शर्मा ने अध्यक्ष और दीप्ति शर्मा ने उपाध्यक्ष पद की शपथ ली
ज्वालामुखी, 1 अगस्त। धार्मिक नगरी ज्वालामुखी की नगर परिषद को शनिवार को नया नेतृत्व मिल गया। नगर परिषद की नवनिर्वाचित अध्यक्ष सोम किरण शर्मा तथा उपाध्यक्ष दीप्ति शर्मा ने पद एवं गोपनीयता की शपथ ग्रहण कर अपने कार्यकाल की औपचारिक शुरुआत की। स्थानीय एसडीएम संजीव शर्मा ने दोनों जनप्रतिनिधियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस अवसर पर ज्वालामुखी के विधायक संजय रतन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। समारोह में नगर परिषद के सभी पार्षद, विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक तथा बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।
शपथ ग्रहण के दौरान अध्यक्ष सोम किरण शर्मा ने संविधान के प्रति पूर्ण श्रद्धा एवं निष्ठा रखने, भारत की प्रभुता और अखंडता को अक्षुण्ण बनाए रखने तथा अपने दायित्वों का निष्पक्ष, ईमानदारी और निष्ठा के साथ निर्वहन करने की शपथ ली। वहीं उपाध्यक्ष दीप्ति शर्मा ने भी संविधान के प्रति अपनी आस्था व्यक्त करते हुए नगर परिषद के दायित्वों को पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाने का संकल्प लिया।
एसडीएम ने दी शुभकामनाएं
समारोह को संबोधित करते हुए एसडीएम संजीव शर्मा ने नव निर्वाचित अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को बधाई देते हुए कहा कि जनता से किए गए वादों को पूरा करने की जिम्मेदारी अब उनके कंधों पर है। उन्होंने कहा कि प्रशासन नगर परिषद के साथ मिलकर ज्वालामुखी के विकास के लिए हरसंभव सहयोग देगा।
उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता जनकल्याण है और प्रशासन इसी उद्देश्य के साथ नगर परिषद के हर विकासात्मक प्रयास में भागीदार बनेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि नई टीम सभी पार्षदों को साथ लेकर शहर के विकास को नई दिशा देगी और ज्वालामुखी को स्वच्छ, सुंदर एवं व्यवस्थित नगर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
विधायक संजय रतन ने विकास का रखा रोडमैप
विधायक संजय रतन ने नवनिर्वाचित अध्यक्ष सोम किरण शर्मा, उपाध्यक्ष दीप्ति शर्मा तथा सभी पार्षदों को बधाई देते हुए कहा कि अब अगले पांच वर्षों तक ज्वालामुखी शहर के विकास की जिम्मेदारी नगर परिषद के हाथों में है। उन्होंने कहा कि ज्वालामुखी विश्व प्रसिद्ध धार्मिक नगरी है, जहां प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु मां ज्वाला जी के दर्शन के लिए आते हैं। ऐसे में नगर परिषद का पहला दायित्व शहर को स्वच्छ, सुंदर और आधुनिक सुविधाओं से युक्त बनाना है।
उन्होंने कहा कि नगर परिषद जो भी विकास योजनाएं सरकार के समक्ष रखेगी, उन्हें पूरा सहयोग दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ज्वालामुखी के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
बस स्टैंड और मंदिर क्षेत्र का होगा कायाकल्प
विधायक ने बताया कि ज्वालामुखी बस स्टैंड के आधुनिकीकरण के लिए लगभग 100 करोड़ रुपये की परियोजना को स्वीकृति मिल चुकी है तथा इसकी पहली किस्त के रूप में 35 करोड़ रुपये जारी हो चुके हैं। अगले डेढ़ महीने के भीतर निर्माण कार्य शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने कहा कि मां ज्वाला जी मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र के लिए भी मास्टर प्लान तैयार किया गया है। मंदिर के आसपास की भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जिसके बाद पूरे क्षेत्र का सौंदर्यीकरण किया जाएगा। अर्जुन महादेव, तारा देवी, भैरव मंदिर सहित आसपास के प्रमुख धार्मिक स्थलों को बेहतर सड़क और पैदल मार्ग से जोड़ने की योजना भी तैयार की गई है, ताकि श्रद्धालुओं को सुविधाजनक धार्मिक पर्यटन का अनुभव मिल सके।
धार्मिक पर्यटन और स्वच्छता पर रहेगा विशेष फोकस
संजय रतन ने कहा कि नगर परिषद का पहला लक्ष्य शहर की सफाई व्यवस्था को मजबूत करना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वच्छ और व्यवस्थित शहर ही पर्यटकों और श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने वाली हर योजना में सरकार नगर परिषद के साथ खड़ी रहेगी।
उन्होंने कहा कि ज्वालामुखी ही नहीं बल्कि आसपास की पंचायतों का भी समग्र विकास किया जाएगा, ताकि यहां आने वाले श्रद्धालु एक-दो घंटे नहीं बल्कि दो से तीन दिन रुकें। इससे स्थानीय लोगों की आय बढ़ेगी, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
विधायक ने अंत में नगर परिषद की नई टीम से अपील की कि वे जनता द्वारा दिए गए जनादेश का सम्मान करते हुए पूरे समर्पण के साथ कार्य करें और आने वाले पांच वर्षों में ज्वालामुखी को एक आदर्श धार्मिक एवं पर्यटन नगर के रूप में स्थापित करें।