भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल। हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत से पहले पंचांग देखना अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। पंचांग के माध्यम से तिथि, वार, नक्षत्र, योग, करण, राहुकाल और शुभ मुहूर्त की जानकारी प्राप्त होती है। यदि आप 1 अगस्त 2026, शनिवार को कोई नया कार्य, यात्रा, पूजा-पाठ या धार्मिक अनुष्ठान करने की योजना बना रहे हैं, तो पहले आज का संपूर्ण पंचांग अवश्य जान लें।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज श्रावण, कृष्ण, तृतीया, शनिवार है। सूर्य दक्षिणायन, उत्तर गोल, वर्षा ऋतु। शक संवत 1948 , विक्रमी संवत 2083, 1 अगस्त 2026 , राहुकाल सुबह 09 बजकर 00 मिनट से सुबह 10 बजकर 30 मिनट तक।
1 अगस्त 2026 का पंचांग
दिन: शनिवार
विक्रम संवत: 2083
शक संवत: 1948
अयन: दक्षिणायन
ऋतु: वर्षा
मास: श्रावण
पक्ष: कृष्ण पक्ष
तिथि: कृष्ण तृतीया (रात्रि लगभग 11:07 बजे तक), इसके बाद चतुर्थी
नक्षत्र: शतभिषा (रात्रि लगभग 8:45 बजे तक), इसके बाद पूर्वाभाद्रपद
योग: शोभन
करण: वणिज (प्रातः लगभग 10:53 बजे तक), इसके बाद विष्टि (भद्रा)
सूर्योदय और सूर्यास्त
सूर्योदय: प्रातः 5:43 बजे (लगभग)
सूर्यास्त: सायं 7:10 बजे (लगभग)
चंद्रोदय: रात्रि 8:54 बजे
चंद्रास्त: प्रातः 7:55 बजे
आज का शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 3:56 बजे से 4:42 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:00 बजे से 12:53 बजे तक
विजय मुहूर्त: दोपहर 2:55 बजे से 3:47 बजे तक
गोधूलि मुहूर्त: सायं 7:10 बजे से 7:34 बजे तक
अशुभ मुहूर्त
राहुकाल: प्रातः 9:04 बजे से 10:30 बजे तक
यमगण्ड: दोपहर 1:30 बजे से 3:30 बजे तक
गुलिक काल: प्रातः 5:59बजे से 730 बजे तक
आज का धार्मिक महत्व
आज शनिवार होने के कारण शनिदेव की पूजा का विशेष महत्व है। श्रावण मास का कृष्ण पक्ष भगवान शिव की आराधना के लिए भी अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन शिवलिंग पर जल, दूध और बेलपत्र अर्पित करने तथा शनिदेव को सरसों का तेल चढ़ाने से कष्टों में कमी आने और जीवन में सुख-समृद्धि प्राप्त होने की मान्यता है।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।