नई दिल्ली | 23 जुलाई 2026- संसद के मानसून सत्र के दौरान गुरुवार को विपक्षी दलों के सांसदों ने संसद परिसर में केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। इंडिया गठबंधन (INDIA Bloc) के नेताओं ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), परीक्षा पेपर लीक मामलों, छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई और अन्य जनहित के मुद्दों को लेकर सरकार को घेरा।
संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले विपक्षी सांसद संसद परिसर में एकत्र हुए और हाथों में तख्तियां लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कांग्रेस नेता राहुल गांधी सहित कई विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का प्रयास कर रही है और युवाओं व छात्रों के मुद्दों पर जवाब देने से बच रही है।
लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने अपने-अपने सदनों में जोरदार हंगामा किया और विभिन्न मुद्दों पर तत्काल चर्चा की मांग की। लगातार नारेबाजी और विरोध के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही कई बार बाधित हुई और पीठासीन अधिकारियों को बार-बार सदन स्थगित करना पड़ा।
विपक्ष ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि इससे बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा सकते हैं। साथ ही विपक्षी दलों ने परीक्षा पेपर लीक के मामलों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी दोहराई।
सरकार की ओर से कहा गया कि बिहार में मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण चुनाव आयोग की संवैधानिक प्रक्रिया के तहत किया जा रहा है और इसमें किसी प्रकार का राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं है। सरकार ने यह भी कहा कि वह सभी महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष को सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलने देना चाहिए।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष से हंगामा छोड़कर सदन में चर्चा में भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण विधायी कार्यों को बाधित करना लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है।
दिनभर सरकार और विपक्ष के बीच जारी गतिरोध के कारण संसद की कार्यवाही बार-बार बाधित रही। ऐसे संकेत हैं कि यदि दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बनती है, तो मानसून सत्र के आगामी दिनों में भी यह टकराव जारी रह सकता है।