डेटलाइन रत्ती | स्वास्थ्य डेस्क
सिविल अस्पताल रत्ती में चिकित्सा अधिकारी डॉ. अंकुश शर्मा की अध्यक्षता में इन-सर्विस एजुकेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम अभिलाषी कॉलेज ऑफ नर्सिंग, टांडा की एम.एससी. नर्सिंग प्रथम वर्ष की छात्राओं द्वारा प्रोफेसर एवं समन्वयक ईशा ठाकुर के नेतृत्व तथा कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. दीपक शांडिल के निर्देशानुसार आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य अस्पताल के कर्मचारियों को संक्रमण नियंत्रण (Infection Prevention and Control) तथा बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम के दौरान ईशा ठाकुर ने कर्मचारियों को अस्पताल में होने वाले विभिन्न प्रकार के संक्रमणों से बचाव के प्रभावी उपायों की विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि हाथों की नियमित और सही तरीके से सफाई संक्रमण की रोकथाम का सबसे प्रभावी माध्यम है। यदि स्वास्थ्य कर्मी निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार हाथों की स्वच्छता बनाए रखें तो अनेक संक्रामक बीमारियों से स्वयं को तथा मरीजों को सुरक्षित रखा जा सकता है।
इसके अलावा कार्यक्रम में बायोमेडिकल वेस्ट के सुरक्षित निस्तारण (Biomedical Waste Management) पर भी विशेष सत्र आयोजित किया गया। कर्मचारियों को बताया गया कि अस्पताल से निकलने वाले जैव-चिकित्सीय कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निपटान करना आवश्यक है, जिससे संक्रमण फैलने की संभावना को काफी हद तक रोका जा सकता है। इस दौरान बायोमेडिकल वेस्ट के पृथक्करण, रंग-कोड आधारित डस्टबिन के उपयोग तथा सुरक्षित डिस्पोजल की प्रक्रिया की भी जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में सिविल अस्पताल रत्ती के चिकित्सा अधिकारी डॉ. अंकुश शर्मा ने ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों की सराहना करते हुए कहा कि समय-समय पर आयोजित होने वाले इन-सर्विस एजुकेशन कार्यक्रम स्वास्थ्य कर्मियों के ज्ञान और कार्यकुशलता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे मरीजों को सुरक्षित एवं बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में भी सहायता मिलती है।
इस अवसर पर अधीक्षक राजेश कुमार, स्वास्थ्य शिक्षक सुरेश चंदेल, मुख्य फार्मेसी अधिकारी टेक चंद, स्वास्थ्य पर्यवेक्षक देव राज, सत्या देवी, वार्ड सिस्टर अनीता कुमार, एम.एससी. नर्सिंग की छात्राएं करिश्मा, उज्ज्वल, रोजल राणा, प्रियंका शकलानी और हरिप्रिया सहित सिविल अस्पताल रत्ती के लगभग 25 कर्मचारी उपस्थित रहे।