# डी. फार्मेसी परीक्षा परिणाम: शिवा इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी की दीक्षा कुमारी ने प्रदेश में किया टॉप, 94.3 प्रतिशत अंकों के साथ हासिल किया प्रथम स्थान
**धर्मशाला।** हिमाचल प्रदेश तकनीकी शिक्षा बोर्ड, धर्मशाला द्वारा आयोजित **डी. फार्मेसी द्वितीय वर्ष जून 2026** परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया गया है। इस परीक्षा में **शिवा इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी कॉलेज, चन्दपुर** की छात्रा **दीक्षा कुमारी** ने शानदार प्रदर्शन करते हुए **94.3 प्रतिशत अंक** प्राप्त कर पूरे हिमाचल प्रदेश में **प्रथम स्थान** हासिल किया है। उनकी इस उपलब्धि से न केवल उनके परिवार बल्कि संस्थान और क्षेत्र का भी नाम प्रदेशभर में गौरवान्वित हुआ है।
दीक्षा कुमारी, जो **गांव पपरोला, कुठेड़ा** की रहने वाली हैं, ने दो वर्षीय डी. फार्मेसी पाठ्यक्रम में **1100 में से 1038 अंक** प्राप्त किए हैं। उनकी इस असाधारण सफलता पर संस्थान के प्रबंधक निदेशक **इंजीनियर पुरुषोत्तम शर्मा**, प्राचार्य **डॉ. ईशा रानी**, समस्त शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं।
अपनी सफलता पर खुशी व्यक्त करते हुए दीक्षा कुमारी ने कहा कि यह उपलब्धि उनके परिवार, शिक्षकों और संस्थान के निरंतर सहयोग का परिणाम है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय संस्थान के प्रबंधक निदेशक इंजीनियर पुरुषोत्तम शर्मा, प्राचार्य डॉ. ईशा रानी, सभी अध्यापकों, अपने ससुर **विद्या सागर ठाकुर**, सास **मीरा ठाकुर**, पति **विकाश ठाकुर** तथा अपने माता-पिता को दिया।
दीक्षा ने बताया कि यह सफलता उनके लिए इसलिए भी विशेष है क्योंकि इस शैक्षणिक सत्र के दौरान उनकी **गर्भावस्था** रही और इसी वर्ष उन्होंने एक **शिशु को जन्म** भी दिया। इस चुनौतीपूर्ण समय में भी उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी। उन्होंने कहा कि परिवार ने हर कदम पर उनका हौसला बढ़ाया, जिसके कारण वह अपनी पढ़ाई पर पूरा ध्यान केंद्रित कर सकीं।
उन्होंने कहा, *"मेरी प्रेग्नेंसी के दौरान और डिलीवरी के बाद भी मेरे परिवार ने मुझे हर संभव सहयोग दिया। मैंने दिन-रात मेहनत की और आज मेरा सपना पूरा हो गया। यह सफलता मेरे परिवार और शिक्षकों के विश्वास का परिणाम है।"*
दीक्षा कुमारी ने बताया कि उनका अगला लक्ष्य **फार्मेसी अधिकारी** की प्रतियोगी परीक्षा उत्तीर्ण कर हिमाचल प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग में सरकारी सेवा करना है। उन्होंने कहा कि वह भविष्य में एक जिम्मेदार फार्मेसी अधिकारी बनकर लोगों की सेवा करना चाहती हैं और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाना चाहती हैं।
दीक्षा की इस प्रेरणादायक सफलता ने यह सिद्ध कर दिया है कि कठिन परिस्थितियां भी मजबूत इच्छाशक्ति, परिवार के सहयोग और निरंतर मेहनत के सामने बाधा नहीं बन सकतीं। उनकी उपलब्धि प्रदेश के हजारों विद्यार्थियों, विशेषकर छात्राओं और मातृत्व के साथ शिक्षा जारी रखने वाली महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।