9 जुलाई 2026 का पंचांग: जानें तिथि, नक्षत्र, शुभ मुहूर्त, राहुकाल और आज का धार्मिक महत्व
धर्मशाला। भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल। हिंदू पंचांग के अनुसार **गुरुवार, 9 जुलाई 2026** को आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि है। आज का दिन भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। शुभ योग और नक्षत्र के प्रभाव से धार्मिक कार्य, पूजा-पाठ, दान-पुण्य तथा नए कार्यों की शुरुआत के लिए दिन अनुकूल माना गया है।
पंचांग के अनुसार आज गुरुवार आषाढ़, कृष्ण, नवमी है। सूर्य उत्तरायण, उत्तर गोल, वर्षा ऋतु। शक संवत 1948 , विक्रमी संवत 2083, 9 जुलाई 2026, राहुकाल दोपहर 02 बजकर 00 मिनट से दोपहर 03 बजकर 30 मिनट तक।
आज का पंचांग
दिन: गुरुवार
तिथि: आषाढ़ कृष्ण नवमी प्रातः 10 बजकर 37 मिनट तक उपरांत दशमी तिथि का आरंभ।
पक्ष: कृष्ण पक्ष
मास:** आषाढ़
विक्रम संवत: 2083
शक संवत: 1948
नक्षत्र एवं योग
* **नक्षत्र:** अश्विनी (इसके बाद भरणी)
* **योग:** सुकर्मा (इसके बाद धृति योग)
* **करण:** गर (इसके बाद वणिज)
सूर्योदय एवं सूर्यास्त
* **सूर्योदय:** प्रातः 5:30 बजे (लगभग)
* **सूर्यास्त:** सायं 7:22 बजे (लगभग)
आज का शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त : सुबह में 03 बजकर 55 मिनट से सुबह 04 बजकर 41 मिनट तक ।
अभिजीत मुहूर्त : दोपहर 11 बजकर 59 मिनट से 12 बजकर 54 मिनट तक ।
अमृत काल : का समय प्रातः 08 बजकर 03 मिनट से प्रातः 09 बजकर 35 मिनट तक ।
अशुभ मुहूर्त
राहुकाल : दोपहर में 02 बजकर 00 मिनट से दोपहर 03 बजकर 30 मिनट तक ।
गुलिकाल : सुबह में 09 बजकर 00 मिनट से सुबह 10 बजकर 30 मिनट तक।
यमगण्ड : सुबह में 06 बजकर 00 मिनट से सुबह 07 बजकर 30 मिनट तक ।
चंद्रमा की स्थिति
चंद्र राशि:** मेष
सूर्य राशि:** मिथुन
आज का धार्मिक महत्व
गुरुवार का दिन भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति को समर्पित माना जाता है। आज पीले वस्त्र धारण करना, केले के वृक्ष की पूजा करना, चने की दाल, हल्दी या पीले फल का दान करना शुभ माना जाता है। भगवान विष्णु के मंत्र **"ॐ नमो भगवते वासुदेवाय"** तथा **"ॐ बृं बृहस्पतये नमः"** का जाप करना लाभकारी माना जाता है।
आज का शुभ उपाय
घर या मंदिर में भगवान विष्णु को पीले पुष्प अर्पित करें, घी का दीपक जलाएं और किसी जरूरतमंद को पीली वस्तु का दान करें। मान्यता है कि इससे सुख-समृद्धि, ज्ञान और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
पंचांग के समय स्थान विशेष के अनुसार कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकते हैं। धार्मिक कार्यों के लिए अपने स्थानीय पंचांग या विद्वान आचार्य से समय का सत्यापन करना उचित रहेगा।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।