मंत्रिमंडल के सहयोगियों के साथ हवन में हुए शामिल, बोले— 'आस्था से बड़ा कोई धन नहीं, सत्य सामने आना चाहिए'
शिमला, 7 जुलाई। अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावे और आभूषणों से जुड़ी कथित चोरी के मामले को लेकर हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मंगलवार को अपने मंत्रिमंडलीय सहयोगियों के साथ शिमला स्थित श्रीराम मंदिर में पूजा-अर्चना और हवन किया। इस दौरान उन्होंने प्रभु श्रीराम से सत्य, न्याय और धर्म की रक्षा की प्रार्थना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभु श्रीराम मंदिर, अयोध्या में चढ़ावे और आभूषणों से जुड़ी चोरी की खबरों से वे बेहद आहत हैं। इसी भावना के साथ उन्होंने शिमला के पावन श्रीराम मंदिर में पूजा-अर्चना की और हवन में भाग लिया।
सुक्खू ने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिन लोगों पर धर्मस्थल की पवित्रता, उसकी मर्यादा और करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था की रक्षा का दायित्व था, उन्हीं पर गंभीर आरोप लगे हैं। उन्होंने कहा कि इस पूरे प्रकरण पर पर्दा डालने के बजाय निष्पक्ष, पारदर्शी और तथ्यपरक जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई देश के सामने आ सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी मंदिर की सबसे बड़ी पूंजी श्रद्धालुओं का विश्वास होता है। उन्होंने कहा, "अपने आराध्य के विश्वास से बड़ा कोई धन नहीं होता और उस विश्वास के साथ किया गया धोखा सबसे बड़ा अधर्म है।"
उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होना आवश्यक है ताकि करोड़ों लोगों की आस्था बनी रहे। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि संबंधित मामले की निष्पक्ष जांच होगी और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री के साथ उनके मंत्रिमंडलीय सहयोगी भी पूजा-अर्चना और हवन में शामिल हुए। इस दौरान राम मंदिर परिसर में धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए गए और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि तथा धर्म की रक्षा के लिए प्रार्थना की गई।