भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल। 3 जुलाई 2026, शुक्रवार का दिन धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। आज आषाढ़ माह, कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि प्रातः 11:20 बजे तक रहेगी, इसके बाद चतुर्थी तिथि प्रारंभ होगी। दिन की शुरुआत श्रवण नक्षत्र में होगी, जो 11:46 बजे तक रहेगा। इसके बाद धनिष्ठा नक्षत्र आरंभ होगा। आज विष्कम्भ योग सायं लगभग 5:00 बजे तक रहेगा, उसके बाद प्रीति योग प्रारंभ होगा।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज शुक्रवार आषाढ़, कृष्ण, चतुर्थी है। सूर्य उत्तरायण, उत्तर गोल, वर्षा ऋतु। शक संवत 1948 , विक्रमी संवत 2083, 3 जुलाई 2026, राहुकाल सुबह 10 बजकर 30 मिनट से दोपहर 12 बजकर 00 मिनट तक।
3 जुलाई 2026 पंचांग
वार: शुक्रवार
माह: आषाढ़
पक्ष: कृष्ण पक्ष
तिथि: कृष्ण तृतीया प्रातः 11:20 बजे तक, तत्पश्चात चतुर्थी
नक्षत्र: श्रवण प्रातः 11:46 बजे तक, तत्पश्चात धनिष्ठा
योग: विष्कम्भ सायं 5:00 बजे तक, इसके बाद प्रीति
करण: विष्टि (भद्रा) 11:20 बजे तक, इसके बाद बव
चंद्र राशि: मकर
सूर्योदय: प्रातः 5:28 बजे
सूर्यास्त: सायं 7:23 बजे
शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त : सुबह में 03 बजकर 55 मिनट से सुबह 04 बजकर 41 मिनट तक।
अभिजीत मुहूर्त : दोपहर 11 बजकर 57 मिनट से 12 बजकर 53 मिनट तक।
अशुभ मुहूर्त
राहुकाल : 10 बजकर 30 मिनट से दोपहर 12 बजकर 00 मिनट तक ।
गुलिकाल : 07 बजकर 30 मिनट से सुबह 09 बजकर 00 मिनट तक ।
यमगण्ड : दोपहर में 03 बजकर 30 मिनट से शाम 05 बजकर 00 मिनट तक ।
आज का विशेष महत्व
आज संकष्टी चतुर्थी का व्रत तृतीया समाप्त होने के बाद प्रारंभ होने वाली चतुर्थी तिथि के कारण माना जाता है। भगवान गणेश की पूजा, विघ्नों की शांति और मनोकामना पूर्ति के लिए यह दिन विशेष फलदायी माना जाता है। साथ ही सर्वार्थ सिद्धि योग का भी प्रभाव शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना गया है।
आज का शुभ उपाय
शुक्रवार के दिन माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की विधिवत पूजा करें। सफेद मिठाई का भोग लगाएं तथा "ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः" और "ॐ गं गणपतये नमः" मंत्र का जाप करें। इससे सुख, समृद्धि और कार्यों में सफलता प्राप्त होने की मान्यता है।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।