तंबाकू नियंत्रण उपायों को और अधिक प्रभावी बनाने तथा जनस्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला तंबाकू नियंत्रण उड़नदस्ता (District Flying Squad on Tobacco Control) ने नशा मुक्ति विशेष कार्य बल (Special Task Force on Addiction) के सहयोग से धर्मशाला के विभिन्न क्षेत्रों में विशेष प्रवर्तन अभियान के दूसरे चरण का आयोजन किया। इस अभियान के दौरान सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (COTPA) तथा हिमाचल प्रदेश लूज सिगरेट खुदरा विनियमन अधिनियम, 2016 के उल्लंघन के मामलों में 16 व्यक्तियों के चालान किए गए।
प्रवर्तन दलों ने धर्मकोट, मैकलोडगंज, बस स्टैंड के आसपास के क्षेत्रों तथा सुधेर में सार्वजनिक स्थानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का गहन निरीक्षण किया, ताकि तंबाकू नियंत्रण कानूनों के अनुपालन को सुनिश्चित किया जा सके। अभियान के दौरान सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करना, नाबालिगों को तंबाकू उत्पादों की बिक्री निषिद्ध होने संबंधी अनिवार्य सूचना-पट्ट प्रदर्शित न करना, हुक्का प्रदर्शित करना तथा खुली (लूज) सिगरेट बेचना जैसी अनेक उल्लंघनात्मक गतिविधियाँ पाई गईं।
यह अभियान जिला नोडल अधिकारी डॉ. अनुराधा के नेतृत्व में आयोजित किया गया, जिसमें एएसपी-एसटीएफ श्रीमती रेनू शर्मा, डीएसपी श्रीमती निशा, एएसटीईओ (आबकारी) श्रीमती ऋषिका ठाकुर, औषधि निरीक्षक श्रीमती मीनाक्षी, एसआई-एसटीएफ श्री सुनील पठानिया, एचसी-एसटीएफ श्री विपिन, एलसी-एसटीएफ श्रीमती कनकमाला, कांस्टेबल-एसटीएफ श्री अश्विनी तथा स्वास्थ्य विभाग से श्री सुरेश ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
अधिकारियों ने बताया कि तंबाकू सेवन आज भी विश्वभर में रोगों, विकलांगता तथा असामयिक मृत्यु के प्रमुख रोके जा सकने वाले कारणों में से एक है। कैंसर, हृदय रोग, स्ट्रोक, दीर्घकालिक श्वसन रोगों और क्षय रोग (टीबी) जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बनने के साथ-साथ तंबाकू का सेवन अक्सर नशे की लत की ओर प्रवेश द्वार का कार्य करता है, जिससे व्यक्ति चिट्टा जैसे खतरनाक सिंथेटिक नशों की ओर भी आकर्षित हो सकता है।
जिला प्रशासन ने जन-जागरूकता, सख्त प्रवर्तन तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वित प्रयासों के माध्यम से एक स्वस्थ एवं नशामुक्त समाज के निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। विशेष रूप से बच्चों और युवाओं को तंबाकू तथा अन्य नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों से बचाने पर बल दिया जा रहा है।
इस अवसर पर अधिकारियों ने कहा कि जिले भर में ऐसे विशेष प्रवर्तन अभियान भविष्य में भी जारी रहेंगे ताकि तंबाकू नियंत्रण कानूनों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जा सके तथा यह स्पष्ट संदेश दिया जा सके कि जनस्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले किसी भी प्रकार के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने नागरिकों, शैक्षणिक संस्थानों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों तथा सामुदायिक संगठनों से तंबाकू-मुक्त अभियानों में सक्रिय सहयोग देने और आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित एवं स्वस्थ वातावरण के निर्माण में भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
प्रमुख कानूनी प्रावधान
* धारा 4, कोटपा (COTPA): सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान, जिसमें हुक्का पीना भी शामिल है, प्रतिबंधित है।
* धारा 6(क), कोटपा: नाबालिगों को तंबाकू उत्पादों की बिक्री निषिद्ध होने संबंधी सूचना-पट्ट प्रदर्शित करना अनिवार्य है।
* धारा 6(ख), कोटपा: शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज के भीतर तंबाकू उत्पादों की बिक्री प्रतिबंधित है।
* धारा 5, कोटपा: तंबाकू उत्पादों के प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष विज्ञापन पर प्रतिबंध लगाती है।
* धारा 3, हिमाचल प्रदेश लूज सिगरेट खुदरा विनियमन अधिनियम, 2016: खुली (लूज) सिगरेट की बिक्री पर प्रतिबंध लगाती है।
जिला प्रशासन ने सभी संबंधित पक्षों से तंबाकू नियंत्रण कानूनों का पालन करने तथा धर्मशाला को स्वस्थ, सुरक्षित और नशामुक्त जिला बनाने के सामूहिक प्रयास में सहभागी बनने की अपील की है।