वॉशिंगटन/रोम | अंतरराष्ट्रीय समाचार
G7 शिखर सम्मेलन में ली गई एक तस्वीर को लेकर अमेरिका और इटली के शीर्ष नेताओं के बीच जुबानी जंग छिड़ गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के एक बयान ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है और दोनों देशों के रिश्तों पर भी चर्चा तेज हो गई है।
ट्रंप ने एक साक्षात्कार के दौरान दावा किया कि इटली की प्रधानमंत्री Giorgia Meloni ने उनके साथ फोटो खिंचवाने की विशेष इच्छा जताई थी। यह बयान सामने आते ही इटली में तीखी प्रतिक्रियाएं शुरू हो गईं।
प्रधानमंत्री मेलोनी ने ट्रंप के दावे को सिरे से खारिज करते हुए इसे वास्तविकता से परे बताया। उन्होंने कहा कि इटली की गरिमा सर्वोपरि है और उनके देश को किसी प्रकार की मान्यता के लिए किसी के सामने झुकने की आवश्यकता नहीं है।
राजनीतिक बयान से बढ़ा विवाद
विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला केवल एक तस्वीर का नहीं बल्कि दोनों नेताओं के बीच बढ़ती राजनीतिक दूरी का संकेत है। हाल के महीनों में कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर दोनों नेताओं के विचार अलग-अलग दिखाई दिए हैं।
इटली के राजनीतिक दलों ने भी इस मामले में मेलोनी का समर्थन किया है। वहीं राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस तरह के सार्वजनिक बयान मित्र देशों के संबंधों को प्रभावित कर सकते हैं।
सोशल मीडिया पर भी छिड़ी बहस
ट्रंप और मेलोनी के बीच यह विवाद सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है। समर्थक और आलोचक दोनों पक्षों के बयान साझा कर रहे हैं, जबकि अंतरराष्ट्रीय मीडिया इस घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है।
आगे क्या?
फिलहाल दोनों देशों की ओर से तनाव कम करने को लेकर कोई औपचारिक संकेत नहीं मिले हैं। हालांकि कूटनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और इटली के रणनीतिक संबंध इतने महत्वपूर्ण हैं कि दोनों पक्ष जल्द ही स्थिति सामान्य करने का प्रयास कर सकते हैं।
एक तस्वीर से शुरू हुआ विवाद अब अंतरराष्ट्रीय राजनीति की सुर्खियों में है और दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि यह टकराव आगे किस दिशा में जाता है।
— डेटलाइन इंटरनेशनल डेस्क