जनादेश से नेतृत्व तक: ज्वालामुखी नगर परिषद में कांग्रेस ने दर्ज की बड़ी जीत
ज्वालामुखी नगर परिषद की कमान कांग्रेस के हाथों में, सोम किरण शर्मा बनीं अध्यक्ष
ज्वालामुखी: नगर निकाय चुनावों में मिले जनादेश के बाद ज्वालामुखी नगर परिषद में कांग्रेस ने अपनी संगठनात्मक मजबूती का एक और परिचय दिया है। परिषद की नई कार्यकारिणी के गठन के दौरान सोम किरण शर्मा को सर्वसम्मति से अध्यक्ष और दीप्ति सूद को उपाध्यक्ष चुना गया। दोनों पदों पर निर्विरोध निर्वाचन ने यह स्पष्ट कर दिया कि परिषद में कांग्रेस का बहुमत केवल संख्या तक सीमित नहीं, बल्कि संगठनात्मक एकजुटता में भी दिखाई दे रहा है।
नगर परिषद की नौ सीटों में से सात पर जीत दर्ज करने वाली कांग्रेस ने अब परिषद के शीर्ष नेतृत्व पर भी अपनी पकड़ स्थापित कर ली है। राजनीतिक जानकार इसे ज्वालामुखी की स्थानीय राजनीति में कांग्रेस के बढ़ते प्रभाव का संकेत मान रहे हैं।
इस सफलता के पीछे विधायक संजय रत्न की सक्रिय भूमिका को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चुनाव से लेकर परिषद गठन तक पार्टी नेतृत्व ने संगठन और जनसंपर्क के माध्यम से अपने समर्थन आधार को मजबूत बनाए रखा।
नवनिर्वाचित अध्यक्ष सोम किरण शर्मा ने जनता, पार्षदों और विधायक संजय रत्न का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें मिली जिम्मेदारी जनसेवा का अवसर है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि नगर परिषद विकास कार्यों, स्वच्छता व्यवस्था, आधारभूत ढांचे के विस्तार और नागरिक सुविधाओं में सुधार को प्राथमिकता देगी।
उन्होंने कहा कि सभी पार्षदों के सहयोग और विधायक संजय रत्न के मार्गदर्शन में ज्वालामुखी को एक स्वच्छ, व्यवस्थित और आधुनिक नगर बनाने के लिए सामूहिक प्रयास किए जाएंगे।
नई कार्यकारिणी के गठन के साथ अब स्थानीय लोगों की उम्मीदें भी बढ़ गई हैं। नागरिकों को विश्वास है कि परिषद क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं के समाधान और विकास परियोजनाओं को गति देने की दिशा में प्रभावी कदम उठाएगी।
"यह जीत किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि ज्वालामुखी की जनता के विश्वास की जीत है। हम सब मिलकर एक सशक्त, स्वच्छ और विकसित ज्वालामुखी के निर्माण के लिए कार्य करेंगे।" — सोम किरण शर्मा, अध्यक्ष, नगर परिषद ज्वालामुखी।