ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्र में आए जिला परिषद चुनाव परिणाम पूर्व मंत्री Ramesh Dhawala रमेश धवाला के लिए किसी राजनीतिक संजीवनी से कम साबित नहीं हुए हैं। लंबे समय से पार्टी में हाशिये पर दिखाई दे रहे धवाला ने इन नतीजों के जरिए अपनी राजनीतिक प्रासंगिकता एक बार फिर साबित कर दी है।
ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्र की तीनों जिला परिषद सीटों पर धवाला समर्थित उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है। खास बात यह रही कि जहां भाजपा के आधिकारिक प्रत्याशियों को हार का सामना करना पड़ा, वहीं कांग्रेस उम्मीदवारों को भी मतदाताओं ने नकार दिया। इन परिणामों ने क्षेत्र की राजनीति में नए समीकरणों को जन्म दे दिया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन चुनाव नतीजों ने धवाला को एक बार फिर क्षेत्र के प्रभावशाली नेताओं की कतार में खड़ा कर दिया है। आगामी विधानसभा चुनावों की दृष्टि से भी यह जीत उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
कांगड़ा जिला परिषद के अध्यक्ष पद को लेकर होने वाली राजनीतिक गतिविधियों में भी धवाला की भूमिका अब अहम मानी जा रही है। ऐसे में भाजपा के लिए भी उनके राजनीतिक प्रभाव को नजरअंदाज करना आसान नहीं होगा।
चुनाव अभियान के दौरान धवाला के पुत्र रजनीश धवाला ने भी अपने समर्थित उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय भूमिका निभाई और क्षेत्र में व्यापक जनसंपर्क किया। माना जा रहा है कि इस रणनीतिक मेहनत का लाभ चुनाव परिणामों में स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।
इन नतीजों ने यह संकेत दे दिया है कि ज्वालामुखी की राजनीति में रमेश धवाला का प्रभाव अभी भी कायम है और आने वाले समय में उनकी राजनीतिक भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो सकती है।