हिमाचल प्रदेश के प्रमुख मंदिरों और शक्तिपीठों के बेहतर प्रबंधन को लेकर अब लोगों की मांग तेज होने लगी है। श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों का कहना है कि हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध मंदिरों का संचालन माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की तर्ज पर किया जाना चाहिए, ताकि श्रद्धालुओं को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिल सकें और धार्मिक पर्यटन को नई पहचान मिल सके।
राज्यपाल Kavinder Gupta द्वारा धार्मिक पर्यटन सर्किट बनाने की बात के बाद लोगों ने उम्मीद जताई है कि वह इस दिशा में ठोस पहल करेंगे। लोगों का मानना है कि Maa Jawala Devi Temple, Maa Chintpurni Temple, Maa Naina Devi Temple, Maa Chamunda Devi Temple और Maa Brajeshwari Devi Temple जैसे प्रमुख मंदिरों को आधुनिक सुविधाओं, बेहतर सुरक्षा व्यवस्था, साफ-सफाई, यात्री आवास, ऑनलाइन दर्शन व्यवस्था और सुगम यातायात से जोड़ा जाना चाहिए।
श्रद्धालुओं का कहना है कि वैष्णो देवी मॉडल की तरह यदि एक मजबूत और पारदर्शी मंदिर प्रबंधन प्रणाली बनाई जाए तो इससे मंदिरों की आय बढ़ेगी, स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा और प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
लोगों ने राज्य सरकार और राज्यपाल से मांग की है कि हिमाचल प्रदेश के मंदिरों के संरक्षण, व्यवस्थाओं के आधुनिकीकरण और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए एक विशेष धार्मिक बोर्ड या प्रबंधन प्रणाली गठित करने की दिशा में गंभीर कदम उठाए जाएं।