नागनी माता मंदिर में उमड़ा आस्था का जनसैलाब, भजन-कीर्तन और विशाल भंडारे से भक्तिमय हुआ वातावरण
ज्वालामुखी के सपड़ी के समीप स्थित प्रसिद्ध नागनी माता मंदिर में आयोजित दो दिवसीय धार्मिक आयोजन के दौरान रविवार को श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और दिनभर भक्तों का तांता लगा रहा। दूर-दराज के क्षेत्रों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने माता रानी के दरबार में माथा टेककर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की।
मंदिर परिसर में पूरे दिन भक्ति रस की धारा बहती रही। भजन-कीर्तन और माता रानी के जयकारों से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा। महिलाओं ने विशेष रूप से माता का गुणगान करते हुए भक्ति गीत प्रस्तुत किए, जिससे पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक ऊर्जा और दिव्यता का अनुभव हुआ। श्रद्धालु देर शाम तक मंदिर में पहुंचते रहे और पूजा-अर्चना का सिलसिला लगातार जारी रहा।
इस अवसर पर मंदिर कमेटी की ओर से विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। भंडारे की व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए स्थानीय लोगों के साथ-साथ सशस्त्र सीमा बल (SSB) सपड़ी के जवानों ने भी सराहनीय योगदान दिया। जवानों ने भीड़ नियंत्रण, श्रद्धालुओं की सहायता तथा भंडारे में प्रसाद वितरण की व्यवस्था संभालकर अनुशासन बनाए रखा।
मंदिर कमेटी के सदस्यों ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस बार भी दो दिवसीय धार्मिक आयोजन बड़े श्रद्धा भाव के साथ आयोजित किया गया है। कार्यक्रम में माता रानी का गुणगान, भजन-कीर्तन, जागरण और विशाल भंडारे का विशेष आयोजन किया गया। उन्होंने बताया कि क्षेत्र सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता रानी के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।
श्रद्धालुओं के लिए विशेष फ्री बस सेवा
श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रविवार को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक विभिन्न क्षेत्रों से नागनी माता मंदिर तक निशुल्क बस सेवा भी उपलब्ध करवाई गई। इस सेवा का लाभ बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उठाया।
बाबा पंजा, देहरियां और गुमर से नागनी मंदिर तक — कौशल बस सेवा
ज्वालामुखी से नागनी मंदिर तक — दि फ्रैंड्स एवं कौशल बस सेवा
बग्गी, सलिहार और सुरानी से नागनी मंदिर तक — ठाकुर एवं कौशल बस सेवा
धार्मिक आयोजन को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल बना रहा। मंदिर परिसर रंग-बिरंगी सजावट और रोशनी से जगमगा उठा। श्रद्धालुओं ने माता रानी के जयकारों के साथ आयोजन में भाग लेकर आध्यात्मिक आनंद का अनुभव किया।