शिमला, 30 अप्रैल 2026: - हिमाचल प्रदेश में ‘बेटी है अनमोल’ योजना को लेकर सियासत तेज हो गई है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता बलदेव तोमर ने आरोप लगाया है कि पिछले तीन वर्षों से इस योजना के तहत छात्राओं को आर्थिक सहायता नहीं मिल रही, जिससे हजारों बेटियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
तोमर ने कहा कि यह योजना विशेष रूप से बीपीएल परिवारों की बेटियों को शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से शुरू की गई थी, लेकिन वर्तमान सरकार के कार्यकाल में यह पूरी तरह ठप हो गई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि “तीन-तीन साल तक छात्रवृत्ति न मिलना इस बात का संकेत है कि सरकार को बेटियों की शिक्षा और भविष्य की कोई चिंता नहीं है।”
उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में बड़ी संख्या में छात्राएं इस योजना की लाभार्थी हैं, लेकिन लंबे समय से उन्हें कोई आर्थिक सहायता नहीं मिली है। इससे सीमित संसाधनों वाले परिवारों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
तोमर ने कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार केवल योजनाओं के नाम बदलकर और घोषणाएं करके जनता को गुमराह कर रही है। उन्होंने ‘इंदिरा गांधी सुख सुरक्षा योजना’ का जिक्र करते हुए कहा कि “नए नाम देकर विफलताओं को छिपाने की कोशिश की जा रही है, जबकि जमीनी स्तर पर लाभार्थियों तक राशि नहीं पहुंच रही।”
उन्होंने यह भी कहा कि विभाग द्वारा बजट की मांग भेजे जाने के बावजूद स्वीकृति न मिलना सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े करता है।
“यह साफ दर्शाता है कि बेटियों की शिक्षा सरकार की प्राथमिकता में शामिल नहीं है,” उन्होंने कहा।
भाजपा प्रवक्ता ने सरकार के महिला सशक्तिकरण के दावों पर भी सवाल उठाते हुए इसे “दोहरे चरित्र” का उदाहरण बताया।
उन्होंने कहा कि “एक तरफ बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, वहीं दूसरी तरफ छात्रवृत्ति तक रोक दी जाती है।”
तोमर ने यह भी कहा कि योजना के तहत मिलने वाली 500 से 5000 रुपये तक की सहायता भले छोटी लगे, लेकिन गरीब परिवारों के लिए यह बेहद महत्वपूर्ण होती है और इसके समय पर न मिलने से बेटियों की पढ़ाई पर सीधा असर पड़ता है।
अंत में उन्होंने सरकार से लंबित छात्रवृत्ति तुरंत जारी करने की मांग की और चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो भाजपा इस मुद्दे को जनआंदोलन के रूप में उठाएगी।