विश्व हीमोफीलिया दिवस पर नव किरण पब्लिक स्कूल सकरोहा में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
रत्ती: खंड चिकित्सा अधिकारी रत्ती डॉ. पीयूष वैद्यया के सौजन्य से नव किरण पब्लिक स्कूल सकरोहा में विश्व हीमोफीलिया दिवस के अवसर पर एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता स्कूल के चेयरमैन मनोज सेन ने की।
इस अवसर पर खंड स्वास्थ्य शिक्षक रत्ती सुरेश चन्देल ने विद्यार्थियों को हीमोफीलिया बीमारी के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हीमोफीलिया एक वंशानुगत रक्तस्राव विकार है, जो माता-पिता से बच्चों में आता है, जिसमें रक्त का थक्का सही तरीके से नहीं बन पाता और शरीर में आवश्यक प्रोटीन की कमी हो जाती है।
उन्होंने समझाया कि हीमोफीलिया के मरीजों में नकसीर, सर्जरी या चोट के बाद खून का लंबे समय तक न रुकना, महिलाओं में मासिक धर्म या प्रसव के बाद अत्यधिक रक्तस्राव जैसी समस्याएं हो सकती हैं। कई मामलों में जोड़ों, सिर या मस्तिष्क में रक्तस्राव के कारण दौरे या पक्षाघात जैसी गंभीर स्थितियां भी उत्पन्न हो सकती हैं।
सुरेश चन्देल ने बताया कि जिन परिवारों में पहले से हीमोफीलिया के मरीज हैं, वे बच्चे के जन्म से पहले ही अस्पताल में जांच करवा सकते हैं, जिससे समय रहते इस बीमारी का पता लगाया जा सके। उन्होंने सलाह दी कि किसी भी प्रकार की सर्जरी या दंत उपचार से पहले डॉक्टर को इस बीमारी की जानकारी अवश्य दें और बिना चिकित्सकीय परामर्श के दवाइयों का सेवन न करें।
उन्होंने यह भी कहा कि हीमोफीलिया से ग्रसित व्यक्तियों को फुटबॉल, कुश्ती, क्रिकेट, हॉकी जैसे खेलों से बचना चाहिए और बाइक चलाते समय हेलमेट का प्रयोग अवश्य करना चाहिए, क्योंकि चोट लगने पर अत्यधिक रक्तस्राव जानलेवा हो सकता है।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों के लिए भाषण और पेंटिंग प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं। भाषण प्रतियोगिता में अदिति ने प्रथम, किंजल ने द्वितीय और महक ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं पेंटिंग प्रतियोगिता में उमंग प्रथम, अनन्या द्वितीय और दिव्यांका तृतीय स्थान पर रहीं। सभी विजेताओं को स्वास्थ्य विभाग की ओर से पुरस्कृत किया गया।
इस अवसर पर स्कूल के चेयरमैन मनोज सेन ने बच्चों को हीमोफीलिया के प्रति समाज में जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में किशोर स्वास्थ्य काउंसलर मीनाक्षी ने विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर भी जानकारी दी और बताया कि मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए क्या-क्या उपाय अपनाए जा सकते हैं।
इस मौके पर स्कूल की प्रिंसिपल मीना कुमारी, महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता संदीप कुमारी, सीएचओ आशा, शिक्षकगण पुष्पलता, व्यासा देवी, वंदना ठाकुर, सलोचना देवी, अनिता, कुसुम, रजनी, मीना, यामिनी, नम्रता देवी, आशा कार्यकर्ता सहित कुल 120 विद्यार्थी और 22 स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।