पश्चिम बंगाल के इस्लामपुर में आयोजित एक विशाल चुनावी जनसभा में पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि आज बंगाल असुरक्षा के सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है, जहां बेटियाँ, बच्चे, व्यापारी, राजनीतिक कार्यकर्ता और यहां तक कि न्यायपालिका भी सुरक्षित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में भय और अराजकता का माहौल बना हुआ है, जिससे आम जनता का जीवन प्रभावित हो रहा है।
अनुराग ठाकुर ने आगामी विधानसभा चुनाव को बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह चुनाव केवल सत्ता परिवर्तन का नहीं, बल्कि “बांग्ला स्वाभिमान, बांग्ला संस्कृति और बंगाल के अस्तित्व की रक्षा” का चुनाव है। उन्होंने जनता से अपील करते हुए कहा कि राज्य को विकास और सुशासन की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए एक मजबूत और पारदर्शी सरकार की आवश्यकता है।
उन्होंने अपने संबोधन में यह भी कहा कि अगर बंगाल को सुशासन के दो दशक मिलते हैं, तो वह देश के सबसे विकसित राज्यों में शामिल हो सकता है। ठाकुर ने दावा किया कि यह सुशासन केवल भारतीय जनता पार्टी ही दे सकती है। उन्होंने भाजपा की नीतियों और केंद्र सरकार के विकास कार्यों का हवाला देते हुए कहा कि पार्टी राज्य में परिवर्तन लाने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस दौरान अनुराग ठाकुर ने दक्षिण दिनाजपुर जिले के इस्लामपुर विधानसभा क्षेत्र में आयोजित जनसभा, रोड शो और नामांकन कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने इस्लामपुर विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी चित्रजीत राय, चोपड़ा विधानसभा से प्रत्याशी शंकर अधिकारी और चकोलिया विधानसभा से प्रत्याशी मनोज जैन के समर्थन में जनता से मतदान करने की अपील की। साथ ही उन्होंने सभी उम्मीदवारों को जीत की शुभकामनाएँ देते हुए विश्वास जताया कि इस बार जनता परिवर्तन के पक्ष में अपना फैसला सुनाएगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पश्चिम बंगाल में इस बार चुनावी माहौल काफी गर्म है और सभी प्रमुख दल अपनी-अपनी ताकत झोंक रहे हैं। ऐसे में नेताओं के तीखे बयान और बड़े चुनावी वादे आने वाले दिनों में और तेज हो सकते हैं।