माननीय राज्यपाल महोदय,
कविंदर गुप्ता
लोक भवन, शिमला, हिमाचल प्रदेश
विषय: हिमाचल प्रदेश के प्रमुख मंदिरों में वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की तर्ज पर पारदर्शी एवं स्वायत्त प्रबंधन व्यवस्था लागू करने हेतु निवेदन।
महोदय,
सविनय निवेदन है कि मैं प्रदेश का एक जागरूक नागरिक होने के नाते आपका ध्यान हिमाचल प्रदेश के प्रमुख मंदिरों की वर्तमान स्थिति की ओर आकर्षित करना चाहता हूँ। राज्य के अनेक प्रसिद्ध मंदिर—जैसे माता चिंतपूर्णी मंदिर, ज्वालामुखी मंदिर, चामुंडा देवी मंदिर तथा बैजनाथ शिव मंदिर—हर वर्ष करोड़ों रुपये का चढ़ावा प्राप्त करते हैं, किंतु इसके बावजूद श्रद्धालुओं को बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
पिछले लगभग 30 वर्षों से इन मंदिरों का प्रबंधन राज्य सरकार के अधीन है, परंतु अपेक्षित सुधार नहीं हो पाए हैं। आज भी इन मंदिरों में पार्किंग, स्वच्छ पेयजल, चिकित्सा सुविधा और ठहरने की उचित व्यवस्था का अभाव देखा जाता है। साथ ही, कुछ स्थानों पर श्रद्धालुओं के शोषण की शिकायतें भी सामने आती रही हैं।
माननीय महोदय, देश के अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों—विशेषकर श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड—ने एक सशक्त, पारदर्शी और पेशेवर प्रबंधन प्रणाली स्थापित कर एक आदर्श प्रस्तुत किया है। इसी प्रकार की व्यवस्था हिमाचल प्रदेश के मंदिरों में भी लागू की जानी अत्यंत आवश्यक है, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं सम्मानजनक वातावरण मिल सके।
अतः आपसे विनम्र अनुरोध है कि इस विषय पर गंभीरता से विचार करते हुए प्रदेश के प्रमुख मंदिरों के लिए एक स्वतंत्र एवं पारदर्शी “श्राइन बोर्ड” का गठन करवाने की कृपा करें। इससे न केवल मंदिरों के संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव होगा, बल्कि श्रद्धालुओं का विश्वास भी और अधिक सुदृढ़ होगा।
आपकी सकारात्मक पहल से लाखों श्रद्धालुओं को लाभ मिलेगा और हिमाचल प्रदेश की धार्मिक पहचान और अधिक सशक्त होगी।
धन्यवाद।