शिमला: - भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक रणधीर शर्मा ने विधानसभा में पुलिस एवं संबंधित संगठनों की मांग संख्या 7 पर चर्चा के दौरान प्रदेश की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की सरकार पर तीखा हमला बोला।
उन्होंने कहा कि जिस प्रदेश में पुलिस महानिदेशक (DGP) का पद नियमित रूप से भरा न जा रहा हो और कार्यवाहक नियुक्तियों के सहारे विभाग चलाया जा रहा हो, वहां कानून व्यवस्था की स्थिति पर प्रश्न उठना स्वाभाविक है। उन्होंने आरोप लगाया कि डीजीपी जैसे अहम पद पर “प्रयोग” किए जा रहे हैं, जिससे प्रशासनिक ढांचा कमजोर हो रहा है।
रणधीर शर्मा ने पिछले तीन वर्षों के अपराध आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि प्रदेश में हालात चिंताजनक हैं। उनके अनुसार इस अवधि में हत्या के 270, बलात्कार के 1096, चोरी के 332, डकैती के 9 और अपहरण के 1540 मामले दर्ज हुए, जो कुल मिलाकर 5947 गंभीर अपराधों को दर्शाते हैं।
उन्होंने “गन कल्चर” के बढ़ने पर भी चिंता जताई और कहा कि यह प्रवृत्ति मौजूदा सरकार के कार्यकाल में विकसित हुई है। बिलासपुर, ऊना, नालागढ़, मंडी और ज्वाली जैसे क्षेत्रों में हुई गोलीबारी की घटनाओं को उन्होंने इसका उदाहरण बताया।
शर्मा ने प्रदेश में वन, खनन और शराब माफिया के बढ़ते प्रभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि माफिया तत्वों को सरकार के संरक्षण के चलते खुली छूट मिल रही है, जिससे अवैध गतिविधियां बढ़ रही हैं।
उन्होंने पुलिस के कथित दुरुपयोग का मुद्दा उठाते हुए कहा कि राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाया जा रहा है, जबकि वास्तविक अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही। उनका आरोप था कि सरकार के दबाव में पुलिस की प्राथमिकताएं बदल गई हैं।