संसद में गंगा नदी के संरक्षण और स्वच्छता को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए केन्द्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री राज भूषण चौधरी ने राज्यसभा सांसद इंदु बाला गोस्वामी को बताया कि “नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा” के तहत स्थानीय समुदाय और युवाओं को जोड़ने के लिए “गंगा प्रहरी” कैडर का गठन किया गया है।
मंत्री ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य आम जनता को गंगा नदी के संरक्षण और स्वच्छता के प्रति जागरूक करना और उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्षों में इस मिशन के अंतर्गत विभिन्न जागरूकता अभियानों पर कुल 17.68 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
सदन को अवगत कराते हुए उन्होंने बताया कि गंगा नदी के तटों पर “गंगा उत्सव”, “स्वच्छता पखवाड़ा”, “घाट पर योग”, “विश्व पर्यावरण दिवस” और अन्य स्वच्छता अभियानों का आयोजन किया गया है, जिससे जनभागीदारी को बढ़ावा मिला है।
मंत्री चौधरी ने यह भी जानकारी दी कि “नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा” के तहत सीमा सुरक्षा बल के समन्वय से देवप्रयाग से गंगासागर तक एक ऑल-विमेन रिवर राफ्टिंग अभियान का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देना और गंगा संरक्षण का संदेश फैलाना है।
इसके अलावा, बच्चों और युवाओं को इस मिशन से जोड़ने के लिए विभिन्न विश्वविद्यालयों, कॉलेजों, प्रशिक्षण संस्थानों और Center for Science and Environment के साथ साझेदारी भी की गई है।
मंत्री ने बताया कि गंगा नदी के प्रभावी संरक्षण के लिए जिन 139 जिलों से गंगा गुजरती है, वहां जिला गंगा समितियों का गठन किया गया है, ताकि स्थानीय स्तर पर समस्याओं का समाधान किया जा सके।
👉 सरकार का मानना है कि जनभागीदारी के बिना गंगा का संरक्षण संभव नहीं है, इसलिए “गंगा प्रहरी” जैसे प्रयास इस दिशा में अहम भूमिका निभा रहे हैं।