राष्ट्रीय फार्मेसी शिक्षा दिवस के रूप में मनाया जाएगा आयोजन, देशभर के विशेषज्ञ होंगे शामिल
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के ज्वालामुखी स्थित लॉरेट फार्मेसी संस्थान में 25 मार्च 2026 को ‘फार्मा अन्वेषण 2026’ के रूप में एक भव्य राष्ट्रीय समागम आयोजित किया जाएगा। यह आयोजन फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया के तत्वावधान में राष्ट्रीय फार्मेसी शिक्षा दिवस के रूप में मनाया जाएगा, जो भारत में फार्मेसी शिक्षा के जनक प्रो. महादेव लाल श्रॉफ की जयंती को समर्पित है।
कार्यक्रम के संयोजक एवं संस्थान के निदेशक-सह-प्राचार्य प्रो. डॉ. महेंद्र सिंह आशावत तथा सह-संयोजक, उप-प्राचार्य एवं फार्मास्यूटिक्स विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. विनय पंडित ने जानकारी देते हुए बताया कि इस राष्ट्रीय समागम में हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख क्षेत्रों से फार्मेसी विशेषज्ञ, शिक्षाविद, उद्योगपति एवं नियामक संस्थाओं के प्रतिनिधि भाग लेंगे।
इस अवसर पर फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (PCI) के अध्यक्ष डॉ. मोंटू एम. पटेल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। वहीं, सम्मानित अतिथियों में पीसीआई उपाध्यक्ष श्री जे.एच. चौधरी, लॉरेट संस्थान के प्रबंध निदेशक डॉ. रण सिंह, लॉरेट एजुकेशन सोसाइटी की सचिव डॉ. मीरा सिंह, पीसीआई कार्यकारी सदस्य एवं पीएसपीसी अध्यक्ष एवं जोनल कोऑर्डिनेटर श्री सुशील कुमार बंसल, एचपीएसपीसी अध्यक्ष श्री गोपाल कृष्ण शर्मा सहित अन्य गणमान्य शामिल होंगे।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ताओं में शोभित विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. रंजीत सिंह, आईकेजीपीटीयू की डीन डॉ. परवीन बंसल तथा आईएसएफ फार्मेसी संस्थान के निदेशक डॉ. जी.डी. गुप्ता शामिल रहेंगे।
इस समागम का केंद्रीय विषय “भविष्य का फार्मा इकोसिस्टम: अकादमिया, उद्योग, अनुसंधान, नियामक एवं प्रैक्टिस के बीच सहयोग को बढ़ावा देना” रखा गया है। इस दौरान फार्मेसी शिक्षा, व्यावसायिक अभ्यास, अनुसंधान और नीतिगत ढांचे से जुड़े समसामयिक मुद्दों पर गहन चर्चा की जाएगी। साथ ही राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन, औषधि नवाचार, दवा वितरण प्रणाली, गुणवत्ता नियंत्रण और स्वास्थ्य प्रणाली जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विचार-विमर्श होगा।
समागम के अंतर्गत प्रो. एम.एल. श्रॉफ को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। इसके अतिरिक्त विशेषज्ञ व्याख्यान, पैनल चर्चा, स्टार्टअप एक्सपो, पोस्टर प्रस्तुतियां और बौद्धिक संपदा (आईपी) प्रदर्शनी का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें केवल प्रकाशित एवं अनुदान प्राप्त पेटेंट ही प्रदर्शित किए जाएंगे।
कार्यक्रम के दौरान उद्योग विशेषज्ञों के साथ संवाद सत्र तथा पीसीआई प्रतिनिधियों और संस्था प्रमुखों की महत्वपूर्ण बैठक भी आयोजित की जाएगी।
आयोजन सचिव प्रो. डॉ. सीपीएस वर्मा और प्रो. डॉ. अमरदीप ने बताया कि इस कार्यक्रम की सफलता के लिए राज्य समन्वयक, स्थानीय आयोजन समिति और विभिन्न उप-समितियां सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं।