Hindi English Friday, 16 October 2026
BREAKING
• सुखविन्द्र सिंह सुक्खू का स्पीति दौरा जनजातीय क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की प्रतिबद्धता का प्रतिबिंब • नए जिलों के गठन पर सुधीर शर्मा का तंज, बोले— ‘घर में नहीं दाने, अम्मा चली भुनाने’ • जनसुविधा के लिए हर बुधवार हरिपुर में लगेगा एसडीएम देहरा का कैंप कार्यालय • ज्वालामुखी कॉलेज को मिली तीन नई सुविधाएं, विधायक संजय रतन ने किया लोकार्पण • मुख्य चिकित्सा अधिकारी कांगड़ा डॉ. ओमेश भारती की अध्यक्षता में राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा बैठक आयोजित • सिहोरपाईं स्कूल में NSS शिविर के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम, स्वयंसेवकों ने दिखाई प्रतिभा • अशोक सिंघल का जीवन भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं के प्रति समर्पण की प्रेरणाः राज्यपाल • आज राहु काल कब तक रहेगा व क्या है शुभ मुहूर्त आईये जानते हैं 16 अक्टूबर 2026 का पंचांग • आज ही के दिन दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद के विरोध और मानवाधिकारों के लिए संघर्ष करने वाले डेसमंड टूटू को नोबेल शांति पुरस्कार दिए जाने की घोषणा हुई। • 16 अक्टूबर 2026 राशिफल: जानें सभी 12 राशियों का भविष्य

हिमाचल

More News

शिमला | भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान में आयोजित हुआ 27वां डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन स्मृति व्याख्यान; गुरुदेव रबीन्द्रनाथ टैगोर चित्रदीर्घा का उद्घाटन

Updated on Friday, March 06, 2026 16:55 PM IST

भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान में आयोजित हुआ 27वां डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन स्मृति व्याख्यान; गुरुदेव रबीन्द्रनाथ टैगोर चित्रदीर्घा का उद्घाटन

भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान (आईआईएएस), राष्ट्रपति निवास, शिमला में आज 27वां डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन स्मृति व्याख्यान गरिमापूर्ण वातावरण में आयोजित किया गया। इस अवसर पर संस्थान परिसर में नवस्थापित “गुरुदेव रबीन्द्रनाथ टैगोर चित्रदीर्घा” का उद्घाटन भी किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. शशि प्रभा कुमार, अध्यक्ष, भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान ने की, जबकि व्याख्यान ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से प्रशिक्षित प्रो. अरिंदम चक्रवर्ती, विशिष्ट प्रोफेसर, दर्शनशास्त्र, अशोका विश्वविद्यालय, सोनीपत द्वारा प्रस्तुत किया गया।

कार्यक्रम के आरंभ में प्रो. हिमांशु कुमार चतुर्वेदी, निदेशक, भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान ने मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की बौद्धिक विरासत और भारतीय दर्शन की वैश्विक प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान में आयोजित होने वाली यह स्मृति व्याख्यान श्रृंखला देश और विश्व के प्रतिष्ठित विद्वानों को समकालीन बौद्धिक विमर्श से जोड़ने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान करती है।

इस वर्ष का व्याख्यान विषय था — “Humanity as the Heart and Honey of All Living Beings: The Idealistic Realism of Bṛhadāraṇyaka Upanishad.” अपने व्याख्यान में प्रो. अरिंदम चक्रवर्ती ने बृहदारण्यक उपनिषद के मधुकाण्ड की दार्शनिक व्याख्या प्रस्तुत करते हुए आदर्शवाद और यथार्थवाद के मध्य संबंधों की गहन विवेचना की। उन्होंने आदि शंकराचार्य के अद्वैत दर्शन, इमैनुएल कांट के प्रत्ययवाद तथा रबीन्द्रनाथ टैगोर के मानवतावादी चिंतन का संदर्भ लेते हुए बताया कि भारतीय दार्शनिक परंपरा में मानवता और सहअस्तित्व की अवधारणा अत्यंत केंद्रीय है।

प्रो. चक्रवर्ती ने अपने वक्तव्य में समकालीन विश्व की चुनौतियों—जैसे वैश्विक राजनीतिक तनाव, आर्थिक असमानता और पर्यावरणीय संकट—का उल्लेख करते हुए कहा कि इन परिस्थितियों में मानवता पर आधारित दार्शनिक दृष्टि और अधिक प्रासंगिक हो जाती है। उन्होंने भारतीय उपनिषदों की बहुलतावादी और समन्वयकारी दृष्टि को वर्तमान वैश्विक विमर्श के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।

अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रो. शशि प्रभा कुमार, अध्यक्ष, भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान, ने डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की बौद्धिक विरासत तथा भारतीय दार्शनिक परंपरा की वैश्विक प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान जैसे संस्थान केवल शोध और अकादमिक गतिविधियों के केंद्र ही नहीं हैं, बल्कि वे भारतीय ज्ञान परंपरा, मानवीय मूल्यों और अंतर-सांस्कृतिक संवाद को आगे बढ़ाने वाले महत्वपूर्ण मंच भी हैं।

इस अवसर पर संस्थान परिसर में नवस्थापित गुरुदेव रबीन्द्रनाथ टैगोर चित्रदीर्घा का उद्घाटन भी किया गया। यह चित्रदीर्घा गुरुदेव रबीन्द्रनाथ टैगोर के जीवन, विचार और रचनात्मक योगदान को समर्पित एक विशेष प्रदर्शनी स्थल के रूप में विकसित की गई है। चित्रदीर्घा में टैगोर के जीवन के विभिन्न आयु-चरणों, समकालीन महान व्यक्तित्वों के साथ उनके संवाद तथा अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उनकी उपस्थिति से संबंधित दुर्लभ चित्रों को विषयानुसार प्रदर्शित किया गया है।

चित्रदीर्घा की एक दीवार गुरुदेव की साहित्यिक, कलात्मक और नाट्य कृतियों को समर्पित है, जिसमें उनकी प्रमुख रचनाओं और सृजनात्मक अभिव्यक्तियों का परिचय प्रस्तुत किया गया है। वहीं दूसरी दीवार पर शांतिनिकेतन और श्रीनिकेतन में विकसित उनके शैक्षिक प्रयोगों तथा सांस्कृतिक गतिविधियों—जैसे शिक्षा, कला, संगीत, योग, ध्यान और सामुदायिक जीवन—की झलक प्रदर्शित की गई है। यह चित्रदीर्घा आगंतुकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों के लिए गुरुदेव के बहुआयामी व्यक्तित्व को समझने का एक महत्वपूर्ण माध्यम सिद्ध होगी।

संस्थान के निदेशक प्रोफेसर हिमांशु कुमार चतुर्वेदी ने संस्थान में स्थापित गुरुदेव रबीन्द्रनाथ टैगोर चित्रदीर्घा को भी एक महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि यह चित्रदीर्घा न केवल गुरुदेव के बहुआयामी व्यक्तित्व और रचनात्मक योगदान को सामने लाएगी, बल्कि संस्थान आने वाले शोधार्थियों, पर्यटकों और आगंतुकों को भारतीय सांस्कृतिक और बौद्धिक विरासत से भी परिचित कराएगी।

दोनों कार्यक्रमों में संस्थान के अध्येताओं, सह-अध्येताओं, हिमाचल प्रदेश के प्रशासनिक अधिकारियों, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के शिक्षाविदों तथा अनेक प्रतिष्ठित बुद्धिजीवियों और गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया।

Have something to say? Post your comment
   सुखविन्द्र सिंह सुक्खू का स्पीति दौरा जनजातीय क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की प्रतिबद्धता का प्रतिबिंब

शिमला : सुखविन्द्र सिंह सुक्खू का स्पीति दौरा जनजातीय क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की प्रतिबद्धता का प्रतिबिंब

नए जिलों के गठन पर सुधीर शर्मा का तंज, बोले— ‘घर में नहीं दाने, अम्मा चली भुनाने’

शिमला : नए जिलों के गठन पर सुधीर शर्मा का तंज, बोले— ‘घर में नहीं दाने, अम्मा चली भुनाने’

जनसुविधा के लिए हर बुधवार हरिपुर में लगेगा एसडीएम देहरा का कैंप कार्यालय

धर्मशाला : जनसुविधा के लिए हर बुधवार हरिपुर में लगेगा एसडीएम देहरा का कैंप कार्यालय

ज्वालामुखी कॉलेज को मिली तीन नई सुविधाएं, विधायक संजय रतन ने किया लोकार्पण

धर्मशाला : ज्वालामुखी कॉलेज को मिली तीन नई सुविधाएं, विधायक संजय रतन ने किया लोकार्पण

मुख्य चिकित्सा अधिकारी कांगड़ा डॉ. ओमेश भारती की अध्यक्षता में राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा बैठक आयोजित

धर्मशाला : मुख्य चिकित्सा अधिकारी कांगड़ा डॉ. ओमेश भारती की अध्यक्षता में राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा बैठक आयोजित

सिहोरपाईं स्कूल में NSS शिविर के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम, स्वयंसेवकों ने दिखाई प्रतिभा

धर्मशाला : सिहोरपाईं स्कूल में NSS शिविर के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम, स्वयंसेवकों ने दिखाई प्रतिभा

अशोक सिंघल का जीवन भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं के प्रति समर्पण की प्रेरणाः राज्यपाल

शिमला : अशोक सिंघल का जीवन भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं के प्रति समर्पण की प्रेरणाः राज्यपाल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्ष के शासकीय नेतृत्व का भाजपा हिमाचल ने किया अभिनंदन, प्रदेश पदाधिकारी बैठक में सर्वसम्मति से ऐतिहासिक प्रस्ताव पारित : डॉ. बिंदल

शिमला : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्ष के शासकीय नेतृत्व का भाजपा हिमाचल ने किया अभिनंदन, प्रदेश पदाधिकारी बैठक में सर्वसम्मति से ऐतिहासिक प्रस्ताव पारित : डॉ. बिंदल

विकसित भारत 2047' के रंग में रंगा धर्मशाला

धर्मशाला : विकसित भारत 2047' के रंग में रंगा धर्मशाला

सीएम सुक्खू ने थपथपाई जाइका स्वयं सहायता समूहों की पीठ

शिमला : सीएम सुक्खू ने थपथपाई जाइका स्वयं सहायता समूहों की पीठ

X