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मथुरा) | बरसाना में विश्व प्रसिद्ध लठमार होली की धूम, प्रशासन ने कसी कमर

Updated on Friday, February 20, 2026 10:21 AM IST

बरसाना (मथुरा)। ब्रजभूमि के ऐतिहासिक नगर बरसाना में विश्व प्रसिद्ध लठमार होली को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। राधा रानी की नगरी में हर साल की तरह इस बार भी देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों के पहुंचने की उम्मीद है। पूरा ब्रज क्षेत्र रंग, गुलाल और भक्ति के रस में सराबोर नजर आ रहा है। ब्रज की इस अनोखी परंपरा में गोपियां (महिलाएं) लाठियों से कृष्ण के साथियों (पुरुषों) को प्रतीकात्मक रूप से "मारती" हैं, जबकि पुरुष ढाल लेकर मज़ाकिया अंदाज़ में पीछे हटते हैं—यह सब राधा-कृष्ण की प्रेम लीला का जीवंत चित्रण है। यह होली सिर्फ रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि भक्ति, प्रेम, परंपरा और मस्ती का अनुपम मेल है। ब्रज की होली दुनिया भर में मशहूर है और बरसाना इसका दिल है!

🎉 क्या है लठमार होली की परंपरा?

बरसाना की लठमार होली में नंदगांव से आए हुरियारे महिलाओं को रंग लगाने पहुंचते हैं, जिसके जवाब में महिलाएं उन्हें लाठियों से खदेड़ती हैं। पुरुष ढाल लेकर बचाव करते हैं। यह परंपरा राधा-कृष्ण की प्राचीन लीलाओं से जुड़ी मानी जाती है।

लठमार होली से पहले लड्डू होली और उसके बाद नंदगांव में छड़ीमार होली का आयोजन होता है, जिससे पूरे ब्रज में उत्सव का माहौल कई दिनों तक बना रहता है।

🛑 सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियां

जिला प्रशासन ने मेले को लेकर व्यापक इंतजाम किए हैं। भीड़ नियंत्रण के लिए क्षेत्र को कई जोन और सेक्टरों में बांटा गया है। अतिरिक्त पुलिस बल, ड्रोन कैमरे और सीसीटीवी की निगरानी में कार्यक्रम संपन्न कराया जाएगा।

यातायात व्यवस्था सुचारु रखने के लिए विशेष रूट डायवर्जन प्लान लागू किया गया है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अस्थायी पार्किंग स्थल और मेडिकल कैंप भी बनाए गए हैं।

🌍 पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

लठमार होली ब्रज की सांस्कृतिक पहचान बन चुकी है। इस अवसर पर स्थानीय हस्तशिल्प, मिठाइयों और पारंपरिक व्यंजनों की मांग बढ़ जाती है, जिससे स्थानीय व्यापारियों को भी लाभ होता है।

प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे पारंपरिक मर्यादाओं का पालन करते हुए उत्सव का आनंद लें और अफवाहों से बचें।

प्रशासन मुस्तैद: मेला क्षेत्र को 7 जोन और 18 सेक्टर में बांटा गया है। 23 भव्य प्रवेश द्वार, 12 सेल्फी पॉइंट्स बनाए जा रहे हैं।

मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, DIG और अन्य अधिकारियों ने हाल ही में निरीक्षण किया। सुरक्षा के लिए ड्रोन निगरानी, अतिरिक्त पुलिस बल, एकल मार्ग व्यवस्था, पार्किंग और भीड़ प्रबंधन की तैयारियां अंतिम दौर में।

सांस्कृतिक मंच, लाइव प्रसारण की व्यवस्था भी हो रही है ताकि देश-विदेश के भक्त घर बैठे भी आनंद ले सकें।


2026 में प्रमुख तिथियां (बरसाना और ब्रज होली शेड्यूल):

24 फरवरी 2026 (गुरुवार): लड्डू मार होली — राधा रानी मंदिर (श्री जी महल) में भक्तों पर लड्डू बरसाए जाते हैं। साथ ही नंदगांव में फाग आमंत्रण।

25 फरवरी 2026 (शुक्रवार): बरसाना में मुख्य लठमार होली — रंगीली गली और मंदिर परिसर में धूमधाम से खेली जाती है। अधिकांश स्रोत इसे प्रमुख दिन बता रहे हैं।

26 फरवरी 2026 (शनिवार): नंदगांव में लठमार होली — बरसाना के पुरुष वहां जाते हैं और गोपियां फिर लाठियां चलाती हैं।

उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद और प्रशासनिक कैलेंडर के अनुसार मुख्य लठमार 25 फरवरी को बरसाना में है।

 

 

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