Hindi English Friday, 16 October 2026
BREAKING
• सुखविन्द्र सिंह सुक्खू का स्पीति दौरा जनजातीय क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की प्रतिबद्धता का प्रतिबिंब • नए जिलों के गठन पर सुधीर शर्मा का तंज, बोले— ‘घर में नहीं दाने, अम्मा चली भुनाने’ • जनसुविधा के लिए हर बुधवार हरिपुर में लगेगा एसडीएम देहरा का कैंप कार्यालय • ज्वालामुखी कॉलेज को मिली तीन नई सुविधाएं, विधायक संजय रतन ने किया लोकार्पण • मुख्य चिकित्सा अधिकारी कांगड़ा डॉ. ओमेश भारती की अध्यक्षता में राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा बैठक आयोजित • सिहोरपाईं स्कूल में NSS शिविर के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम, स्वयंसेवकों ने दिखाई प्रतिभा • अशोक सिंघल का जीवन भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं के प्रति समर्पण की प्रेरणाः राज्यपाल • आज राहु काल कब तक रहेगा व क्या है शुभ मुहूर्त आईये जानते हैं 16 अक्टूबर 2026 का पंचांग • आज ही के दिन दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद के विरोध और मानवाधिकारों के लिए संघर्ष करने वाले डेसमंड टूटू को नोबेल शांति पुरस्कार दिए जाने की घोषणा हुई। • 16 अक्टूबर 2026 राशिफल: जानें सभी 12 राशियों का भविष्य

राष्ट्रीय

More News

पुरस्कार | गणतंत्र दिवस-2026 की परेड में संस्कृति मंत्रालय की 'वंदे मातरम - 150 वर्षों का सफर' नामक झांकी ने प्रथम पुरस्कार जीता

Updated on Friday, January 30, 2026 18:30 PM IST

गणतंत्र दिवस-2026 की परेड में संस्कृति मंत्रालय की 'वंदे मातरम - 150 वर्षों का सफर' नामक झांकी ने प्रथम पुरस्कार जीता

सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुति “वंदे मातरम: भारत की शाश्वत गूंज” को मिला विशेष पुरस्कार

गणतंत्र दिवस परेड-2026 में संस्कृति मंत्रालय ने एक महत्वपूर्ण दोहरा सम्मान प्राप्‍त किया, जहां उसकी "वंदे मातरम - 150 वर्षों का सफर" शीर्षक वाली झांकी को केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों के बीच सर्वश्रेष्ठ झांकी की श्रेणी में प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया, वहीं उसकी भव्य सांस्कृतिक प्रस्तुति "वंदे मातरम: भारत की शाश्वत गूंज" को उसकी असाधारण कलात्मक और विषयगत उत्कृष्टता के लिए विशेष पुरस्कार से सम्‍मानित किया गया।

पुरस्कार विजेता झांकी ने वंदे मातरम के 150 वर्षों के सफर को सशक्त रूप से दर्शाया, जिसमें राष्ट्रीय जागरण के गीत के रूप में इसके उद्भव और भारत के स्वतंत्रता संग्राम, एकता और सभ्यतागत चेतना को आकार देने में इसकी स्थायी भूमिका को दिखाया गया है। भावपूर्ण दृश्यों और प्रतीकों के माध्यम से, झांकी ने भारत की सामूहिक राष्ट्रीय पहचान में राष्ट्रगान की शाश्वत प्रासंगिकता को उजागर किया।

विशेष पुरस्कार विजेता सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुति, “वंदे मातरम – भारत की शाश्वत गूंज”, का आयोजन संगीत नाटक अकादमी ने पटियाला स्थित उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र के सहयोग से किया था। यह प्रस्तुति राष्ट्रऋषि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की अमर रचना को श्रद्धांजलि अर्पित करती है, जो भारत के स्वतंत्रता आंदोलन की स्‍वर बनी। इस प्रस्तुति में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 2,500 कलाकारों ने भाग लिया और शास्त्रीय, लोक और आदिवासी कला रूपों के माध्यम से देश की विशाल सांस्कृतिक विविधता को प्रदर्शित किया।

नृत्य प्रस्तुति ने देश की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक जड़ों से लेकर स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदानों और सशस्त्र बलों के शौर्य और समर्पण तक की शाश्वत यात्रा को जीवंत कर दिया। संस्कृत मंत्रों, भावपूर्ण संगीत और गतिशील नृत्य संरचनाओं से परिपूर्ण इस प्रस्तुति ने वंदे मातरम के संपूर्ण भावनात्मक और दार्शनिक पहलू को समाहित किया, जिसका समापन एकता, भक्ति और राष्ट्रीय गौरव के प्रतीक तिरंगे को भावपूर्ण श्रद्धांजलि के साथ हुआ।

संगीत नाटक अकादमी की अध्यक्ष डॉ. संध्या पुरेचा ने समग्र रचनात्मक निर्देशक के रूप में सांस्कृतिक प्रस्तुति का नेतृत्व किया। ऑस्कर विजेता संगीतकार श्री एम.एम. कीरावानी ने संगीत निर्देशन किया, जबकि गीत श्री सुभाष सहगल ने लिखे। राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेता श्री अनुपम खेर ने पार्श्व स्वर दिया, श्री संतोष नायर ने नृत्य प्रस्तुत किया और सुश्री संध्या रमन ने वेशभूषा डिजाइन की।

Have something to say? Post your comment
आज ही के दिन दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद के विरोध और मानवाधिकारों के लिए संघर्ष करने वाले डेसमंड टूटू को नोबेल शांति पुरस्कार दिए जाने की घोषणा हुई।

आज का इतिहास : आज ही के दिन दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद के विरोध और मानवाधिकारों के लिए संघर्ष करने वाले डेसमंड टूटू को नोबेल शांति पुरस्कार दिए जाने की घोषणा हुई।

 फिल्म ‘नय्यी नवेली’ की रिलीज से पहले यामी गौतम ने हनुमानगढ़ी में टेका माथा

अयोध्या : फिल्म ‘नय्यी नवेली’ की रिलीज से पहले यामी गौतम ने हनुमानगढ़ी में टेका माथा

नई दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा को पूर्वावलोकन समारोह का आयोजन

नई दिल्ली : नई दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा को पूर्वावलोकन समारोह का आयोजन

 आज ही के दिन भारत के पूर्व राष्ट्रपति, प्रख्यात वैज्ञानिक और मिसाइल मैन के नाम से प्रसिद्ध डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का जन्म रामेश्वरम, तमिलनाडु में हुआ था।

आज का इतिहास : आज ही के दिन भारत के पूर्व राष्ट्रपति, प्रख्यात वैज्ञानिक और मिसाइल मैन के नाम से प्रसिद्ध डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का जन्म रामेश्वरम, तमिलनाडु में हुआ था।

आज ही के दिन  लाहौर में पंजाब विश्वविद्यालय की स्थापना हुई, बंटवारे के बाद इसके दो हिस्से कर दिए गए थे और भारत के विश्वविद्यालय को शुरू में ‘पूर्वी पंजाब विश्वविद्यालय’ (ईपीयू) कहा जाता था, जो शिमला में स्थित था

आज का इतिहास : आज ही के दिन लाहौर में पंजाब विश्वविद्यालय की स्थापना हुई, बंटवारे के बाद इसके दो हिस्से कर दिए गए थे और भारत के विश्वविद्यालय को शुरू में ‘पूर्वी पंजाब विश्वविद्यालय’ (ईपीयू) कहा जाता था, जो शिमला में स्थित था

राहुल गांधी के पास आरोपों का शोर है, लेकिन सबूतों के नाम पर शून्य बटे सन्नाटा: अनुराग सिंह ठाकुर

नई दिल्ली : राहुल गांधी के पास आरोपों का शोर है, लेकिन सबूतों के नाम पर शून्य बटे सन्नाटा: अनुराग सिंह ठाकुर

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने हिमाचल प्रदेश के केलांग में आईसीएमआर के उच्च पर्वतीय आयुर्विज्ञान एवं जन स्वास्थ्य अनुसंधान केंद्र की आधारशिला रखी

केलांग : केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने हिमाचल प्रदेश के केलांग में आईसीएमआर के उच्च पर्वतीय आयुर्विज्ञान एवं जन स्वास्थ्य अनुसंधान केंद्र की आधारशिला रखी

 आज ही के दिन हिंदी सिनेमा के महान गायक, अभिनेता और संगीतकार किशोर कुमार का निधन हुआ, उनकी सदाबहार आवाज आज भी संगीत प्रेमियों के दिलों में बसी है।

आज का इतिहास : आज ही के दिन हिंदी सिनेमा के महान गायक, अभिनेता और संगीतकार किशोर कुमार का निधन हुआ, उनकी सदाबहार आवाज आज भी संगीत प्रेमियों के दिलों में बसी है।

बयाना के पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की कथित हमले में मौत

जयपुर : बयाना के पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की कथित हमले में मौत

आज ही के दिन इंडोनेशिया के बाली में सिलसिलेवार बम धमाकों ने दुनिया को झकझोर दिया। इन हमलों में 202 लोगों की मौत हुई

आज का इतिहास : आज ही के दिन इंडोनेशिया के बाली में सिलसिलेवार बम धमाकों ने दुनिया को झकझोर दिया। इन हमलों में 202 लोगों की मौत हुई

X