मनरेगा ऐसा क्रांतिकारी कदम था, जिसका फायदा करोड़ों ग्रामीण व गरीब परिवारों को मिला। इसने लोगों को रोजगार का कानूनी हक़ दिया और ग्राम पंचायतों को ताकत मिली। लेकिन मोदी सरकार ने मनरेगा पर बुलडोजर चला दिया है। न सिर्फ महात्मा गांधी का नाम हटाया, बल्कि मनरेगा का स्वरूप मनमाने ढंग से बदल दिया। मोदी सरकार ने इस कानून को कमजोर करके देश के करोड़ों किसानों, श्रमिकों और गरीबों के हितों पर हमला किया है। 20 साल पहले अपने गरीब भाई-बहनों को रोजगार का अधिकार दिलवाने के लिए मैं भी लड़ी थी, आज भी इस काले कानून के खिलाफ लड़ने के लिए प्रतिबद्ध हूं। जय हिंद