आज Rahul Gandhi और Priyanka Gandhi ने खीर भवानी मंदिर में माथा टेककर देश की एकता, समृद्धि की मंगल कामना की और माँ का आशीर्वाद लिया।
मान्यताओं के अनुसार, यह मंदिर दिव्य शक्तियों से परिपूर्ण है। ऐसा कहा जाता है कि जब भी कश्मीर पर कोई मुसीबत आने वाली होती है तब माता खीर भवानी आपदा के आने का संदेश देती हैं। जब भी कोई संकट आता है तब इस मंदिर में स्थित कुंड का पानी अपना रंग बदलने लग जाता है। लोगों का मानना है कि इस मंदिर की जड़ें रामायण काल से जुड़ी हुई हैं। इस चमत्कार के आगे विज्ञान ने भी अपने घुटने टेक दिए हैं। श्रद्धालु यहां दूर-दूर से मां दुर्गा के राग्या रूप के दर्शन करने आते हैं।श्रद्धालुओं का मानना है कि, यह मंदिर दिव्य शक्तियों से परिपूर्ण है और यहां पर स्थित कुंड चमत्कारी है। जब भी कश्मीर के ऊपर काले बादल छाने लगते हैं तब कुंड के पानी का रंग काला या लाल हो जाता है। जब 2014 में भयंकर बाढ़ से कश्मीर प्रभावित हुआ था। तब लोगों का कहना था कि इस कुंड का पानी काला हो गया था। दूसरी ओर, जब कारगिल युद्ध छिड़ गया था तब इस कुंड का पानी लाल रंग में बदल गया था। इसके साथ, आर्टिकल 370 के हटने से इस कुंड का पानी हरा हो गया था। ऐसी मान्यता है कि जब इस कुंड का पानी हरा हो जाता है तब यह खुशहाली का संकेत है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, रावण, देवी खीर भवानी का परम भक्त था। मगर, जब, रावण ने देवी सीता का हरण किया था तब रावण से नाराज होकर माता खीर भवानी लंका से कश्मीर आ गई थीं। यह भी कहा जाता है कि देवी खीर भवानी ने राम भक्त हनुमान से यह अनुरोध किया था कि उनकी प्रतिमा को किसी दूसरे स्थान पर स्थापित कर दिया जाए। देवी की बात मानकर हनुमान जी ने उनकी प्रतिमा को कश्मीर के तुलमुल जगह पर स्थापित कर दिया था।