बिलासपुर में मरोतन से घुमारवीं जा रही संतोषी निजी बस पर भूस्खलन से चट्टान सीधे बस की छत पर आया गई। अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है। शाहतलाई-घुमारवीं सड़क मार्ग पर बरठीं के समीप भल्लु पुल के पास मंगलवार शाम करीब साढ़े 6 बजे एक निजी बस पर साथ लगती पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा व पत्थर गिर गए, जिससे बस पूरी तरह मलबे में दब गई। इससे बस में सवार करीब 15 लाेगों की मौत हो गई, जबकि 2 बच्चे जिंदा बच गए।
जानकारी के अनुसार निजी बस नंबर एच.पी. 69-5761 मरोतन से घुमारवीं रूट पर चलती है। घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय लोग, पुलिस व होमगार्ड के जवान और प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा तथा 4 जेसीबी की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद बस को मलबे से बाहर निकाला। करीब 3 घंटे तक रैस्क्यू ऑप्रेशन चला। इस बस में साथ लगते गांवों के लोग सवार थे, जिनमें से अधिकांश की बस में ही मौत हो चुकी थी। केवल 2 बच्चों सहित एक और व्यक्ति ही जिंदा बचे थे, जिसमें से संबंधित व्यक्ति की अस्पताल पहुंचने पर मृत्यु हो गई।
जानकारी के अनुसार इस दुर्घटना में 25 वर्षीय शरील खान पुत्र दल्ले खान निवासी मलांगण तहसील झंडूता जिला बिलासपुर, 36 वर्षीय रजनीश कुमार उर्फ विक्की पुत्र मेहर सिंह निवासी बरडी डाकघर सुन्हाणी तहसील घुमारवीं, 52 वर्षीय चुनी लाल पुत्र अमर सिंह निवासी बरडी डाकघर सुन्हाणी तहसील घुमारवीं, 40 वर्षीय सोनू पुत्र धर्म सिंह निवासी कच्यूर डाकघर संडयार तहसील घुमारवीं, 42 वर्षीय बक्शी राम पुत्र गड़का राम निवासी भल्लु तहसील झंडूता जिला बिलासपुर, अंजना पत्नी विपिन कुमार, 7 वर्षीय नक्श व 4 वर्षीय आरव पुत्र विपिन कुमार निवासी तथा कमलेश कुमारी पत्नी राज कुमार निवासी फगोग, 52 वर्षीय नरेन्द्र निवासी छत तहसील घुमारवीं और 30 वर्षीय कृष्ण लाल निवासी थापना तहसील नयनादेवी की मौत हो गई। शवों को नागरिक अस्पताल के शव गृह में रखा गया है और बुधवार को पोस्टमार्टम करवाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बस दुर्घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया, राहत कार्यों में तेज़ी लाने के दिए निर्देश
प्रदेश के बिलासपुर जिले के झंडूता उपमंडल के बालूघाट क्षेत्र में भूस्खलन की चपेट में आने से एक निजी बस के दुर्घटनाग्रस्त होने की दुखद घटना पर मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस कठिन समय में प्रभावित परिवारों के साथ पूरी मज़बूती से खड़ी है और उन्हें हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।
मुख्यमंत्री निरंतर जिला प्रशासन के संपर्क में हैं और उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों में और अधिक तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि घायलों को तुरंत उपचार हेतु अस्पताल पहुंचाया जाए और उनके इलाज की पूरी व्यवस्था की जाए। मुख्यमंत्री शिमला से पूरे हालात की लगातार निगरानी कर रहे हैं।