आज मुख्य चिकित्सा अधिकारी कांगड़ा डॉ. राजेश गुलेरी की अध्यक्षता में “युवा उत्सव मैराथन - रेड रन” का आयोजन जिला कांगड़ा में किया गया। यह कार्यक्रम हिमाचल प्रदेश एड्स नियंत्रण सोसायटी (HPSACS) और राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम (NTEP), हिमाचल प्रदेश के सहयोग से आयोजित किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य युवाओं और आमजन में एचआईवी/एड्स एवं तपेदिक (टीबी) के प्रति जागरूकता फैलाना था।
कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक, क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला डॉ. अनुराधा शर्मा उपस्थित रहीं। डॉ. आर. के. सूद, जिला स्वास्थ्य अधिकारी कांगड़ा एवं जिला एड्स नियंत्रण अधिकारी कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए।
इस अवसर पर अन्य प्रमुख गणमान्य व्यक्तियों में –
1. डॉ. सुमित शर्मा, जिला कार्यक्रम अधिकारी
2. डॉ. अनुराधा, जिला कार्यक्रम अधिकारी
3. ध्रुव डोगरा, उपनिदेशक, मेरा युवा भारत कांगड़ा
4. श्रीमती हेमलता, जन शिक्षा एवं सूचना अधिकारी
5. अर्चना गुरूंग, स्वास्थ्य शिक्षिका
6. श्रीमती स्वर्णा ठाकुर एवं श्री अंकित चंब्याल, खेल प्रशिक्षक धर्मशाला – विशेष अतिथि एवं मैराथन के निर्णायक के रूप में उपस्थित रहे।
इस मैराथन में जिला भर के 14 रेड रिबन क्लब्स (कॉलेजों) से आए 60 विद्यार्थियों (30 छात्र एवं 30 छात्राएं) ने भाग लिया। मैराथन की शुरुआत सीएमओ डॉ. राजेश गुलेरी ने हरी झंडी दिखाकर की, जिसकी कुल दूरी 5 किलोमीटर रही।
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विजेता प्रतिभागियों के नाम इस प्रकार रहे:
🏃♀️ छात्राओं (Girls) के विजेता:
• 🥇 प्रथम स्थान: नैंसी चौधरी – GDC धर्मशाला
• 🥈 द्वितीय स्थान: अदिति ठाकुर – GDC धर्मशाला
• 🥉 तृतीय स्थान: स्नेहा – GDC शाहपुर
• 🎖 चतुर्थ स्थान: रेनू शर्मा – राजकीय शिक्षक शिक्षा महाविद्यालय, धर्मशाला
🏃♂️ छात्रों (Boys) के विजेता:
• 🥇 प्रथम स्थान: नारायण – GDC धर्मशाला
• 🥈 द्वितीय स्थान: विजय – GDC धर्मशाला
• 🥉 तृतीय स्थान: विकास – द्रोणाचार्य पीजी कॉलेज, रैत
• 🎖 चतुर्थ स्थान: प्रिंस कुमार – GDC मटौर
मैराथन उपरांत, सीएमओ कार्यालय कांगड़ा के सभागार में सम्मान समारोह का आयोजन हुआ, जिसमें प्रतिभागियों एवं उनके साथ आए नोडल अधिकारियों को जलपान एवं रिफ्रेशमेंट प्रदान किया गया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश गुलेरी ने विजेताओं को पुरस्कार वितरित किए और अपने संबोधन में कहा:
“एचआईवी और टीबी दो ऐसी गंभीर बीमारियाँ हैं जिन्हें 2030 तक सतत विकास लक्ष्यों (SDG) के तहत समाप्त करने का लक्ष्य है। इसके लिए समाज के हर वर्ग को मिलकर प्रयास करने की आवश्यकता है। युवाओं को न केवल स्वयं स्वस्थ और फिट रहने की आदत डालनी चाहिए, बल्कि अपने माता-पिता, रिश्तेदारों, दोस्तों और समाज में भी एचआईवी और टीबी की जांच तथा समय पर इलाज के प्रति जागरूकता फैलानी चाहिए।”
“खेलों और फिटनेस का हमारे जीवन में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। युवाओं को अपने समय का सदुपयोग करना चाहिए, रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेकर अपनी ऊर्जा और प्रतिभा को समाजहित में लगाना चाहिए।”
विशेष अतिथि डॉ. अनुराधा शर्मा ने संतुलित आहार, स्वस्थ जीवनशैली और नियमित व्यायाम को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने पर बल दिया।
डॉ. आर. के. सूद ने बताया कि टीबी और एचआईवी का उन्मूलन 2030 तक तभी संभव है जब हम युवाओं के माध्यम से समाज में जागरूकता लाएं और समय रहते परीक्षण एवं उपचार करवाएं।