राजकीय बरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला गगडूही में स्कूल के प्रिंसिपल राजेश डोगरा की अध्यक्षता में विश्व हीमोफीलिया दिवस मनाया गया इस दिवस पर खंड स्वास्थ्य शिक्षक ज्वालामुखी सुरेश चन्देल ने स्कूल के बच्चों को हीमोफीलिया बीमारी के बारे में बताया कि यह एक वंशानुगत रक्तस्राव विकार है जो माता पिता से बच्चों को होता है जिसमे रक्त ठीक से जमता नही है। और शरीर मे प्रोटीन की कमी आ जाती है।
उन्होंने कहा कि हीमोफिलिया में यदि किसी व्यक्ति को नकसीर आने पर, सर्जरी होने के बाद रक्तस्राव या चोट लगने के बाद खून बंद नही होता और महिलाओं में मासिक धर्म रक्तस्राव या प्रसव के बाद खून बंद नही होता बहुत से व्यक्तियों को जोड़ो में रक्तस्राव,कई बार सिर या मस्तिष्क में रक्तस्राव होने से दौरे और पक्षाघात जैसी समस्या आ जाती है ।
चन्देल ने बताया कि इस बीमारी की रोकथाम के लिए जिन परिवारों में पहले से हीमोफीलिया के मरीज होते है वह बच्चे के जन्म होने से पहले हीमोफिलिया के लिए अस्पताल में परीक्षण करवा सकते है ताकि बच्चे को इस बीमारी के लक्षण होने का पहले ही पता लग सके और रक्तस्राव होने पर तुरंत अस्पताल में इलाज करवाया जा सके। यदि दांत में इंफेक्शन हो, या सर्जरी करवाने से पहले चिकित्सक को इस बीमारी के बारे में बता दे। और दवाईयां विना चिकित्सक की सलाह से न खाए।
हीमोफिलिया के मरीज किसी प्रकार का खेल जैसे फुटबॉल, कुश्ती, क्रिकेट,हॉकी न खेले और यदि बाइक चलाए तो हैलीमेन्ट का प्रयोग जरूर करे क्योंकि यदि ऐसे व्यक्ति को कोई चोट लग जाए तो रक्तस्राव से उसकी जान भी जा सकती है। इस दिवस पर बच्चों की भाषण प्रतियोगिता व पेंटिंग प्रतियोगिता भी करवाई गई जिसमें भाषण प्रतियोगिता में पहले स्थान पर अक्षरा , दूसरे स्थान पर अतुल , तीसरे स्थान पर शिल्पा रही । पेंटिंग प्रतियोगिता में पहले स्थान पर स्वेता , दूसरे स्थान पर शिवांग ,तीसरे स्थान पर अक्षिता रहे। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले प्रतियोगियों को स्वास्थ्य विभाग की तरफ से ईनाम भी दिए गए।
इस अवसर स्कूल के प्रिन्सिपल राजेश डोगरा ने बच्चों को हिमोफिलिया की बीमारी के बारे में लोगो को भी जागरूक करने की सलाह दी। इस अवसर पर सीएचओ दरीण सपना देवी स्कूल के अध्यापक रीना अमरजीत,नीलम,अभनीत,नीरज,नीलम, प्रभात और आशा कार्यकर्ता सुषमा देवी,रेखा देवी और स्कूल के 148 बच्चे व 25 स्टाफ कर्मचारी उपस्थित थे।